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नदी की कुहल से बरामद विवाहिता का शव, मायका पक्ष ने जताई हत्या की आशंका

Three months after disappearance,woman’s body found in river channel in Tirthan Valley,family suspects murder,police investigation and FSL report,

 एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी निगाहें



 उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी का सरूट गांव इन दिनों एक विवाहिता की रहस्यमयी मौत को लेकर चर्चा में है। तीन माह पहले लापता हुई चाणनु देवी का शव बठाहड़ गांव के पास फलाचन नदी की कुहल से बरामद हुआ। अब यह मामला आत्महत्या है, हत्या है या फिर कोई और साजिश – इसका खुलासा एफएसएल रिपोर्ट से ही होगा।



अप्रैल में हुई थी गुम, जुलाई में मिला शव


22 अप्रैल को जोगराज पुत्र बृजलाल ने थाना बंजार में अपनी पत्नी चाणनु देवी की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। उसने बताया था कि पत्नी मानसिक रूप से बीमार रहती है और 20 अप्रैल को अचानक घर से बिना बताए कहीं चली गई। परिजन और रिश्तेदार लगातार उसकी तलाश करते रहे लेकिन कोई पता नहीं चला।

करीब तीन महीने बाद, 30 जुलाई को बठाहड़ गांव के पास नदी की एक कुहल में महिला का शव संदिग्ध हालत में मिला। शव पर मिट्टी जमी थी और सिर का हिस्सा बुरी तरह सड़ चुका था।


मायका पक्ष ने जताई हत्या की आशंका


शव मिलने के बाद मायका पक्ष ने खुलकर हत्या का शक जताया। मृतका के भाई रूपलाल का कहना है कि उसकी बहन की हत्या किसी साजिश के तहत कर शव को नदी में फेंका गया है। रूपलाल ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पोर्टल तक की और पुलिस अधिकारियों को भी बार-बार फोन कर कार्रवाई की मांग उठाई। दबाव के बाद आखिरकार 17 अगस्त को थाना बंजार में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।


पुलिस ने तेज की जांच


रविवार को एसएचओ चंद्रशेखर ठाकुर की अगुवाई में पुलिस टीम सरूट गांव पहुंची। यहां मायका पक्ष के लोगों को भी जांच में शामिल किया गया। पुलिस ने मौके पर जाकर हर पहलू को खंगाला और परिजनों, गवाहों व संदिग्धों के बयान दर्ज किए। मृतका की मां बेगी देवी और भाइयों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।


पति ने ठुकराए आरोप


मृतका के पति जोगराज ने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उसका कहना है कि पत्नी मानसिक रूप से परेशान रहती थी और कई बार बिना बताए घर से चली जाती थी। उसने दावा किया कि पत्नी की तलाश तीन महीने तक लगातार करता रहा, लेकिन शव का मिलना उसे भी संदिग्ध लग रहा है। वह भी चाहता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो।



पोस्टमार्टम में आया ‘डूबने’ का जिक्र


एसएचओ चंद्रशेखर ठाकुर ने बताया कि चाणनु देवी का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज नेरचौक में करवाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया है, लेकिन अंतिम राय एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। मृतका का बिसरा रासायनिक जांच के लिए एफएसएल मंडी भेजा गया है।


निष्पक्ष जांच का भरोसा


पुलिस का कहना है कि इस केस में हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और किसी निर्दोष को फंसाया भी नहीं जाएगा। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण भी पुलिस को जांच में सहयोग दे रहे हैं।

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