हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कार्यरत राज्य युवा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगठन (स्वास्थ्य विभाग) ने आज बैजनाथ सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल को अपनी प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन की ओर से सचिव त्रिलोक चंद ने मंत्री को यह मांग पत्र सौंपा, जबकि मौके पर संगठन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे।
संगठन मुख्य संयोजक शशि शर्मा ने बताया कि लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अनेक पद रिक्त पड़े हैं। इसका सीधा असर कार्यरत कर्मचारियों पर पड़ रहा है और उन्हें अतिरिक्त कार्यभार उठाना पड़ता है। संगठन की पहली प्रमुख मांग है कि इन रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके।
दूसरी अहम मांग वरिष्ठ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से संबंधित है। संगठन ने कहा है कि 55 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के कर्मचारियों को अस्पतालों में रात्रि ड्यूटी से मुक्त किया जाए, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ नाइट ड्यूटी करना उनके लिए बेहद कठिन हो जाता है और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी उत्पन्न होती हैं।
संगठन के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने कहा कि यह मांगें लंबे समय से उठाई जा रही हैं और कर्मचारियों के हित में इनका शीघ्र समाधान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की आवाज़ को मजबूती से उठाता रहेगा और सरकार के समक्ष उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहेगा।
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने संगठन की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस विषय पर जल्द से जल्द सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
इस मौके पर संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कुमार, महामंत्री राजीव रमौल, सह सचिव पवन कुमार, कोषाध्यक्ष शशि शर्मा, प्रेस महासचिव विनय राजपूत और मुख्य सलाहकार रमेश भारद्वाज भी मौजूद रहे।
बैजनाथ अस्पताल में हुई इस मुलाकात को संगठन ने कर्मचारियों के हितों की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है और उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई करेगी।

