आनी/डी.पी. रावत।
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़
उपमण्डल मुख्यालय आनी में सोमवार को देवताओं की भव्य शोभायात्रा के साथ सिराज उत्सव लवी मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस उत्सव की शुरुआत देव ध्वनियों और वाद्ययंत्रों की थाप के बीच श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में हुई। मेले का उद्घाटन आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र कुमार ने देवताओं से आशीर्वाद लेकर किया।
मेला कमेटी अध्यक्ष यूपेन्द्र कांत मिश्रा ने मुख्य अतिथि का पारंपरिक रूप से शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर विकास खण्ड अधिकारी विधा चौहान, पूर्व एपीएमसी अध्यक्ष अमर ठाकुर, मंडल अध्यक्ष वेद ठाकुर, शशि मल्होत्रा, दुनी चन्द ठाकुर, मीना ठाकुर, आशिष शर्मा, एरिक कायत, सुभाष शर्मा व कुलदीप सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मेले में क्षेत्र के आराध्य गढ़पति देवता शमशरी महादेव, देवता पनेउई नाग, देवता कुलक्षेत्र महादेव, शगागी नाग, जोगेश्वर महादेव व वेद व्यास ऋषि कुइंर देव अपने कारकूनों और सैकड़ों देवलुओं संग शोभायात्रा लेकर पधारे। देव नृत्य और वाद्ययंत्रों की थाप से सम्पूर्ण क्षेत्र देवमय हो उठा।
कन्या विद्यालय आनी व एस.डी. मिशन स्कूल के छात्रों ने अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
मेला कमेटी अध्यक्ष यूपेन्द्र कांत मिश्रा ने बताया कि सिराज उत्सव लवी मेला अपने 21वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो सिराज घाटी की प्राचीन संस्कृति, इतिहास और देव परंपरा का जीवंत प्रतीक है।
मुख्य अतिथि विधायक लोकेंद्र कुमार ने सिराज उत्सव की बधाई देते हुए कहा कि— “हमारे मेले व त्यौहार हमारी संस्कृति की धरोहर हैं, जिन्हें अगली पीढ़ी तक सुरक्षित पहुँचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित उद्योगपति मान सिंह ठाकुर का भी विशेष उल्लेख हुआ, जो समय-समय पर गरीबों की आर्थिक मदद और देव संस्कृति को बढ़ावा देने में अग्रसर रहते हैं। उन्होंने गत वर्ष ग्राम पंचायत महोग (करसोग) के दिवंगत प्रधान प्रकाश की कैंसर बीमारी के दौरान उल्लेखनीय आर्थिक सहयोग दिया था।
मेले की स्टार नाइट में हिमाचली लोक गायक कुलदीप शर्मा ने अपने सुपरहिट गीतों — “कुल्लू मनाली लगा मेला”, “रोहड़ू मेले के जाना जाना”, “रंग रूप तेरा बड़ा प्यारा” और “महल री कोठी ए” — से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके सुरों की गूंज देर रात तक आनी की वादियों में सुनाई देती रही।
सिराज उत्सव लवी मेला 2025 इस वर्ष भी देव परंपरा, लोक संस्कृति और हिमाचली संगीत का अनूठा संगम बनकर क्षेत्रवासियों के लिए यादगार साबित हुआ।
