डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण ABD न्यूज
हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के मिड डे मील वर्कर 26 नवंबर को अपनी लंबित मांगों को लेकर व्यापक प्रदर्शन करने जा रहे हैं। वर्करों को लंबे समय से बेहद कम मानदेय मिल रहा है, और बढ़ा हुआ मानदेय भी समय पर जारी नहीं होता, जिससे इनका जीवन कठिनाइयों से घिरा रहता है। कई-कई महीनों तक मानदेय न मिलने से घर खर्च चलाना भारी पड़ रहा है।
यूनियन प्रभारी एमडीएम पद्म प्रभाकर ने बताया कि
हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा दिया गया फैसला—जिसमें मिड डे मील वर्करों को पूरे 12 महीने का मानदेय देने का निर्देश था—अब तक लागू नहीं किया गया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट का “समान काम समान वेतन” का आदेश और 45वें श्रम सम्मेलन के फैसले भी इन वर्करों पर लागू नहीं हुए हैं।
वर्करों की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं क्योंकि इनको छुट्टियों का कोई प्रावधान नहीं है। बीमारी, शादी या किसी पारिवारिक संकट की स्थिति में भी वर्करों को अपनी समस्या खुद ही झेलनी पड़ती है। सरकार समय पर भुगतान की बजाय काम का बोझ बढ़ा रही है, जबकि वर्करों के पास आजीविका का कोई अन्य साधन नहीं है।
पदम प्रभाकर का कहना है कि यदि वर्कर संगठित नहीं हुए तो समस्या खत्म नहीं होंगी । इसलिए संघर्ष और एकता ही इनकी समस्याओं का समाधान निकालने का रास्ता है। वर्करों की मुख्य मांग है कि उन्हें सम्मानजनक मानदेय या कम से कम न्यूनतम वेतन दिया जाए।
उन्होंने आनी की सभी मिड डे मील वर्करों से अपील की गई है कि 26 नवंबर को होने वाले इस राज्यव्यापी प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों।
यह सारी जानकारी यूनियन प्रभारी एमडीएम पदम प्रभाकर ने दी है।
Best Digital Marketing Services – Click Here

No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.