डी. पी. रावत
26 नवंबर 2025 निरमंड
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज़
जिला कुल्लू के उपमंडल निरमंड की राहणू और गमोग पंचायतों के लोगों को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। लंबे समय से खाली पड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) उर्टू में तीन साल बाद चिकित्सक की तैनाती कर दी गई है। अब स्थानीय ग्रामीणों को उपचार के लिए निरमंड और रामपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को अखबारों में लगातार प्रमुखता से उठाया जा रहा था। खबर प्रकाशित होने के मात्र आठ दिन बाद ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और पीएचसी में डॉक्टर की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए।
वर्ष 2022 से खाली था पद
पीएचसी उर्टू में वर्ष 2022 से चिकित्सक का पद रिक्त था। डॉक्टर व मिडवाइफ न होने के कारण करीब 15 गांवों की लगभग 4 हजार की आबादी प्राथमिक उपचार तक से वंचित थी। उर्टू, नौणी, देउगी, खलेर, कंडा, कतमोर, इशवा, ठारधार, लखी लांज, बड़ी लांज, कतमोरी लांज, घाटू, शरशाह, मरघी और थंथल गांवों के लोग वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटक रहे थे।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए आदेश
सीएमओ कुल्लू ने पीएचसी उर्टू में लंबे समय से खाली पड़े डॉक्टर के पद को भरने के आदेश जारी कर दिए हैं।
खंड चिकित्सा अधिकारी निरमंड, प्रदीप नेगी ने पुष्टि करते हुए बताया कि पीएचसी उर्दू में चिकित्सक की तैनाती कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों को उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग का आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें राहत की सांस मिली है।
Best Digital Marketing Services – Click Here
No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.