डी पी रावत।
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज
प्रकृति की गोद में बसी हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की आनी तहसील का पवित्र स्थल नागाधार (झाकडू) इन दिनों पर्यटन का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। ग्राम पंचायत पोखरी के टिपर व पोखरी गांव की ऊँची पर्वत चोटियों पर स्थित यह अद्भुत स्थल न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है बल्कि धार्मिक आस्था का भी केंद्र है।
यही वह दिव्य स्थान है जहां नाग झाकडू देवता की उत्पत्ति मानी जाती है। मान्यता है कि नाग देव यहां समाधि रूप में ध्यान लगाकर विराजमान रहते हैं। शांत वातावरण, घने जंगल, बादलों से ढकी चोटियाँ और प्राकृतिक ऊर्जा इस जगह को अनोखी अध्यात्मिक शक्ति से भर देती हैं।
हर वर्ष अप्रैल माह में नाग झाकडू देव के सानिध्य में भव्य मेला (जागरा) आयोजित किया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ इसी दौरान युवाओं के लिए प्रसिद्ध क्रिकेट प्रतियोगिता (JNJ कप) भी आयोजित होती है, जो स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करती है।
समाजसेवी एवं भाजपा युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी विनोद ठाकुर का कहना है कि नागाधार का यह पूरा क्षेत्र प्राकृतिक व धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके समीप स्थित मरगी दल इसकी सुंदरता को और भी मनमोहक बनाता है।
विनोद ठाकुर ने बताया कि—
“यदि टकरासी से पनेऊ रोड का टूरिज्म रूट विकसित हो जाए तो न सिर्फ नागाधार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी बल्कि क्षेत्र की जनता को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।”
नागाधार आने वाले पर्यटक यहां पहुँचकर खुद को प्रकृति के करीब पाते हैं। यह स्थान शांति, अध्यात्म और प्राकृतिक सौंदर्य तलाश रहे लोगों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

