डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय में हुई अहम बैठक में अधिकारियों को 28 फरवरी से पहले चुनाव से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। आयोग की नजरें विधानसभा बजट सत्र की तिथि पर भी टिकी हैं। यदि फरवरी के अंत तक सत्र समाप्त हो जाता है तो उसके बाद पंचायत क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू की जा सकेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज विभाग को यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि नई पंचायतों को लेकर पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन किया जाना है तो उसे भी 28 फरवरी से पहले पूरा किया जाए। जहां पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन प्रस्तावित है, उन पंचायतों को फिलहाल छोड़कर अन्य पंचायतों के लिए तैयार की गई मतदाता सूची की छपाई का काम शुरू किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल से पहले राज्य में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट में जवाब दायर करने की तैयारी के तहत ही यह अहम बैठक की गई।
पंचायतों में 56 लाख मतदाता करेंगे मतदान
सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक से पहले राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग से बैठक हुई, जिसमें आयोग के आयुक्त अनिल खाची ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि पंचायत चुनाव में करीब 56 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद स्कूलों में मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
हर वार्ड को 20 मतदाता सूचियां भेजी जाएंगी। आयोग की ओर से तीन करोड़ बैलेट पेपर की छपाई पहले ही की जा चुकी है। मतदाता सूचियां जिला उपायुक्तों के पास पहुंच चुकी हैं और उनकी छपाई का टेंडर भी आवंटित कर दिया गया है।
प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए करीब 22,000 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे, जबकि लगभग 35 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जा सके।
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