आनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक लोकेंद्र को लेकर क्षेत्रीय राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। पूर्व महासचिव जिला कांग्रेस कमेटी कुल्लू दिलीप जोशी ने विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया है। दिलीप जोशी ने कहा कि जनता ने विधायक को क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए चुना है, न कि केवल दूसरों को कोसने और हर मुद्दे पर रोने-धोने के लिए।
दिलीप जोशी ने आरोप लगाया कि विधायक कभी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु की खुले मंच से तारीफ़ करते हैं और बाद में किसी के बहकावे में आकर उन्हीं पर कटाक्ष करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि यह दोहरा रवैया जनता के सामने स्पष्ट होना चाहिए। “छुट-भैया नेता” जैसे शब्दों पर टिप्पणी करते हुए जोशी ने कहा कि दूसरों पर तंज कसने से पहले विधायक को यह बताना चाहिए कि अपनी विधायक निधि से उन्होंने क्षेत्र के लिए क्या-क्या कार्य किए हैं। उसका पूरा और पारदर्शी ब्यौरा जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
दलाश पॉलिटेक्निकल कॉलेज का मुद्दा
दिलीप जोशी ने दलाश स्थित पॉलिटेक्निकल कॉलेज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह संस्थान कांग्रेस सरकार की देन था, जिसे बाद में भाजपा सरकार ने डीनोटिफाई किया। उस समय विधायक की ओर से आवाज़ क्यों नहीं उठी? उन्होंने कहा कि भले ही बाद में कुछ कार्य हुए हों, लेकिन अगर उस समय भाजपा सरकार द्वारा यह निर्णय न लिया जाता तो आज क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति और बेहतर होती। आज शिक्षा और विकास की बात करने वालों की उस समय की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस सरकार के कार्यों और योजनाओं का उल्लेख
अपने बयान में दिलीप जोशी ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप से पहले यह समझना ज़रूरी है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने जनहित में कई अहम और ज़मीनी फैसले लिए हैं—
दूध उत्पादकों को राहत: दूध के दाम 20 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये किए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों को सीधा लाभ मिला।
सुख-आश्रय योजना: बेसहारा, अनाथ और जरूरतमंद बच्चों के लिए सरकार स्वयं अभिभावक बनी—आश्रय, शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी उठाई जा रही है।
शिक्षा में सुधार: PM Shri योजना के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय आनी, सराहन और उर्टू को CBSE बोर्ड का दर्जा, ताकि पहाड़ी क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
कर्मचारियों के हित: पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू कर लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को भविष्य की सुरक्षा।
आपदा प्रबंधन: हालिया प्राकृतिक आपदाओं में राज्य ने केंद्र सरकार की सहायता के बिना भी राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया।
सेब किसानों के लिए यूनिवर्सल कार्टन: सेब उत्पादकों को पारदर्शिता, बेहतर गुणवत्ता और उचित मूल्य दिलाने की दिशा में बड़ा कदम।
सड़कों, बस स्टैंड और विकास कार्यों पर जवाब
दिलीप जोशी ने सड़कों के मुद्दे पर विधायक के बयानों को भ्रामक बताते हुए कहा कि जिन सड़कों का उल्लेख किया जा रहा है, उन सभी के टेंडर हो चुके हैं और कार्य प्रगति पर है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछली भाजपा सरकार ने आनी के लिए आखिर किया ही क्या?
दिलीप जोशी ने यह भी स्पष्ट किया कि भयंकर प्राकृतिक आपदा के बाद बिना केंद्र सरकार की सहायता के ही समय रहते सभी सड़कें बहाल कर दी गई थीं। आपदा के दौरान फँसी दूध और सेब की गाड़ियों को भी तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर सुरक्षित निकाला गया, ताकि किसानों और दुग्ध उत्पादकों को किसी प्रकार का नुकसान न हो।
राजनीतिक हलचल तेज
दिलीप जोशी के इस बयान के बाद आनी क्षेत्र की राजनीति में हलचल मच गई है। अब देखना यह होगा कि विधायक लोकेंद्र इन आरोपों और सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे अपनी विधायक निधि तथा अब तक किए गए कार्यों का विस्तृत और पारदर्शी विवरण जनता के सामने रखते हैं या नहीं।
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