आनी, 6 जनवरी।
डी० पी० रावत
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़
आनी में एनएच–305 के किनारे रेहड़ी–फड़ी व फल–सब्जी विक्रेताओं को बेदखली नोटिस जारी किए जाने से आक्रोश फैल गया है। आनी रेहड़ी–फड़ी एवं फल–सब्जी विक्रेता यूनियन (सीटू से संबद्ध) ने इसे तानाशाही पूर्ण कार्रवाई करार देते हुए पंचायत व प्रशासन से स्थायी वैकल्पिक स्थान उपलब्ध करवाने की मांग की है।
यूनियन प्रधान हिरा लाल जोशी ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए बेदखली का फरमान कतई उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनियन राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात में किसी भी तरह की बाधा नहीं चाहती, लेकिन सैकड़ों परिवारों की आजीविका को नजरअंदाज करना भी अन्याय है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 12 वर्षों से पंचायत व प्रशासन द्वारा निश्चित स्थान देने का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
बेदखली नोटिस के विरोध में सीटू संयोजक पदम प्रभाकर की अगुवाई में यूनियन प्रतिनिधिमंडल ने आज उपमंडलाधिकारी आनी से मुलाकात की। इस दौरान एनएच–305 के आनी प्रभारी व कनिष्ठ अभियंता से भी बातचीत हुई। यूनियन ने विभाग व प्रशासन से वैकल्पिक रास्ता निकालने और विक्रेताओं को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग रखी।
यूनियन नेताओं ने बताया कि 6 जनवरी को बेदखली के आदेश जारी हुए हैं, जिसके चलते विक्रेताओं में भारी असमंजस व भय का माहौल है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यूनियन आंदोलन तेज करेगी। तय कार्यक्रम के अनुसार 10 जनवरी को एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा तथा खंड विकास कार्यालय के बाहर 7 घंटे का धरना दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर 24 घंटे का धरना देने का भी निर्णय लिया गया है।
इस मौके पर सीटू संयोजक पदम प्रभाकर (सीटू जिला सचिव कुल्लू), यूनियन प्रधान हिला लाल जोशी सहित श्याम दास, छोटू राम, रामलाल व अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
