डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
आईएएस व आईपीएस अधिकारियों पर टिप्पणी और होलीलॉज में सियासी ताकत दिखाने के बाद मंगलवार को लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मुलाकात की। यह भेंट शिमला स्थित लोक भवन में हुई, जहां मंत्री ने अपने विभागों की विकासात्मक योजनाओं और अब तक हुई प्रगति की जानकारी दी। यह बैठक लगभग आधे घंटे तक चली, जिसमें कोई अन्य व्यक्ति उपस्थित नहीं था।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के लिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं और विभिन्न मदों के माध्यम से करीब 5400 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए सुनिश्चित की गई है। इस राशि का उपयोग प्रदेश में सड़कों, शहरी बुनियादी ढांचे, पेयजल योजनाओं, पुलों और अन्य आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने में किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसी अवधि में प्रदेश के सड़क नेटवर्क में लगभग 1600 किलोमीटर की महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। बेहतर सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।
आदर्श मॉडल राज्य बनाने का लक्ष्य
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग और हर क्षेत्र के समान, संतुलित और समावेशी विकास के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सतत, समावेशी और समग्र विकास के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को एक आदर्श मॉडल राज्य के रूप में विकसित करने का स्पष्ट संकल्प है।
राज्यपाल ने की सराहना
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकासात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही प्रदेश के दीर्घकालिक विकास की कुंजी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विकास योजनाओं से प्रदेश की जनता को वास्तविक लाभ मिलेगा और राज्य प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगा।
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