डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
शिमला।
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) द्वारा प्रस्तावित हिम बस कार्ड को लेकर कर्मचारियों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। निगम कर्मचारियों के भी हिम बस कार्ड बनाए जाने की संभावित योजना सामने आने के बाद निगम के करीब पांच कर्मचारी संगठन एकजुट हो गए हैं और इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
हिमाचल परिवहन कर्मचारी संघ, परिवहन मजदूर संघ, सर्व कर्मचारी यूनियन, तकनीकी कर्मचारी, चालक-परिचालक एवं निरीक्षक स्टाफ संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है कि निगम कर्मचारियों के लिए भी हिम बस कार्ड अनिवार्य किए जा सकते हैं। हालांकि, निगम प्रबंधन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
संगठनों के पदाधिकारियों—समर चौहान, जिया लाल, प्यार सिंह, हरीश पराशर, ऋषि लाल, संजय बड़वाल, खमेंद्र गुप्ता, हितेन्द्र कंवर, खेम चंद, हरि कृष्ण, हरि लाल, पदम शर्मा, बाल कृष्ण और सुंदर लाल—ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ऐसी कोई अधिसूचना जारी की जाती है तो उसका संगठित रूप से पूर्ण विरोध किया जाएगा।
निजी आईटी कंपनियों को लाभ पहुंचाने का आरोप
कर्मचारी संगठनों ने आरोप लगाया कि हिम बस कार्ड की योजना निजी आईटी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। पदाधिकारियों ने कहा कि प्रति कार्ड प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर 17 पैसे संबंधित कंपनी को दिए जाएंगे, जिससे निगम पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि ऐसे निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को गिराने वाले हैं।
आर्थिकी सुधार के प्रयासों का समर्थन, कर्मचारी-विरोधी फैसले मंजूर नहीं
हिमाचल परिवहन कर्मचारी संघ के महासचिव खमेंद्र गुप्ता ने कहा कि आईटी के माध्यम से निगम की आर्थिकी मजबूत करने के प्रयासों का संगठन स्वागत करता है, लेकिन किसी भी कर्मचारी-विरोधी निर्णय को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रबंधन जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दे, तो बेहतर और सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
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