डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
आनी उपमंडल के शवाड़ क्षेत्र में खोखा धारकों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीटू आनी के नेता पदम प्रभाकर ने देश व प्रदेश के मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा करते हुए मेहनतकशों के सामने खड़ी चुनौतियों को रखा।
पदम प्रभाकर ने कहा कि शबाड़ क्षेत्र में पिछले 20–25 वर्षों से खोखा धारक अपनी आजीविका चला रहे हैं। इन खोखों से किसी प्रकार का यातायात बाधित नहीं होता, इसके बावजूद बेदखली की कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसलों को दरकिनार कर वन विभाग इस समय कोई नोटिस जारी नहीं कर सकता।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटू मेहनतकशों के हितों और उनकी आजीविका की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। पदम प्रभाकर ने कहा कि बिना यूनियन बनाए यह संघर्ष संभव नहीं है और सभी मेहनतकशों को एकजुट होकर आगे आना होगा।
बैठक में आगामी आंदोलनों की भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 19 जनवरी को भूमि बेदखली नीति के विरोध में सचिवालय घेराव किया जाएगा, जिसके लिए प्रभावित और पीड़ित लोगों से “शिमला चलो” का आह्वान किया गया है।
इसके अलावा 12 फरवरी को राष्ट्रीय हड़ताल के तहत सभी मेहनतकश वर्ग हड़ताल पर रहेंगे। इस दिन आनी में भी एक रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।
पदम प्रभाकर ने कहा कि सीटू हमेशा मेहनतकशों के अधिकारों के लिए संघर्षरत रही है और आगे भी उनके हक की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।

