डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
सीएम सुक्खू का सख्त संदेश—कानून तोड़ने वालों के लिए पुलिस में कोई जगह नहीं
शिमला।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने चिट्टा और नशे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के मामलों में संलिप्त 11 पुलिस कर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इनमें एक इंस्पेक्टर सहित विभिन्न बटालियनों और इकाइयों में तैनात कांस्टेबल शामिल हैं।
यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि कानून की रक्षा करने वाले पुलिस बल में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है।
इंस्पेक्टर सहित 11 कर्मियों पर कार्रवाई
बर्खास्त किए गए कर्मियों में 1-भारतीय रिजर्व बटालियन बनगढ़ में तैनात इंस्पेक्टर नीरज कुमार, जिला बिलासपुर में तैनात कांस्टेबल शुभम ठाकुर, 3-आईआरबी पंडोह के कांस्टेबल कपिल, एसडीआरएफ के कांस्टेबल शिव कुमार व अंकुश कुमार, जिला शिमला पुलिस के कांस्टेबल लक्ष्य चौहान व राहुल वर्मा, एसवी एंड एसीबी में तैनात कांस्टेबल/ड्राइवर विशाल ठाकुर, 4-आईआरबी जंगलबैरी के कांस्टेबल गौरव वर्मा, 2-आईआरबी सकोह के कांस्टेबल/ड्राइवर संदीप राणा और स्टेट सीआईडी के कांस्टेबल रजत चंदेल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री का दो टूक
शिमला में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी चिट्टे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है। यदि पुलिस कर्मी ही चिट्टा तस्करी या अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे, तो उनके खिलाफ कठोर कदम उठाना अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चिट्टा तस्करी और नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह सरकारी कर्मचारी ही क्यों न हो।
सभी विभागों को रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिट्टा तस्करी और नशीली गतिविधियों में संलिप्त कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र मुख्य सचिव को उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही चिट्टे से अर्जित संपत्तियों का भी आकलन कर रिपोर्ट सरकार को भेजने के निर्देश दिए गए।
Best Digital Marketing Services – Click Here

No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.