डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले परिवारों के चयन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के उन हजारों आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी, जो केवल पक्का मकान होने के कारण अब तक बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो पा रहे थे।
सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार बीपीएल सर्वेक्षण के द्वितीय एवं तृतीय चरण की चयन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
द्वितीय चरण में पक्का मकान की शर्त से छूट
नए संशोधनों के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो परिवार निर्धारित अनिवार्य पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें अब केवल पक्का मकान होने के आधार पर बीपीएल सूची से बाहर नहीं किया जाएगा। द्वितीय चरण की चयन प्रक्रिया में ऐसे परिवारों को पक्का मकान संबंधी शर्त से विशेष छूट दी गई है।
15 जनवरी तक पंचायत-वार सूचियां प्रकाशित करने के निर्देश
ग्रामीण विकास विभाग ने संबंधित खंड स्तरीय समितियों को निर्देश दिए हैं कि वे 15 जनवरी तक पात्र परिवारों की पंचायत-वार सूचियां प्रकाशित करें। सरकार का उद्देश्य ऐसे परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है, जिनके पास आवास तो है, लेकिन आय के स्रोत बेहद सीमित हैं।
तृतीय चरण में पात्रता का दायरा और बढ़ा
बीपीएल सर्वेक्षण के तृतीय चरण में पात्रता का दायरा और विस्तृत किया गया है। अब उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें 27 वर्ष तक की आयु के अनाथ बच्चे हों, अथवा ऐसे घर जहां केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग रहते हों और कोई भी कार्यक्षम वयस्क सदस्य मौजूद न हो।
सरकार के इस निर्णय को ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा।
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