विपिन ओझा
प्रतापगढ़।उत्तरप्रदेश
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं एनएसयूआई द्वारा SIR, कथित वोट चोरी तथा केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में किए जा रहे शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक आंदोलनों पर हो रहे पुलिस दमन और हाउस अरेस्ट के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने कड़ा विरोध जताया। इसी क्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी के नेतृत्व में राज्यपाल महोदया, उत्तर प्रदेश को जिलाधिकारी प्रतापगढ़ के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
इस मौके पर डॉ. नीरज त्रिपाठी ने कहा कि देश और प्रदेश में लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी में SIR, वोट चोरी और मनरेगा जैसे जनहित के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी सहित पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस द्वारा मारपीट और अमर्यादित व्यवहार किया गया तथा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के विरुद्ध है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
कांग्रेस सेवादल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम शंकर द्विवेदी एवं जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष विजय शंकर त्रिपाठी ने कहा कि 11 जनवरी 2026 को वाराणसी में कांग्रेस व एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर पुलिस दमन तथा प्रतापगढ़ में कांग्रेस पदाधिकारियों को उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट करना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने महिलाओं और बच्चों को डराने की घटनाओं को अमानवीय बताते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
जिला उपाध्यक्ष राम शिरोमणि वर्मा और राम लवट यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्तमान सरकार विपक्ष की आवाज से घबराकर पुलिस के माध्यम से डराने-धमकाने की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों का अधिकार है और नाम बदलने या आंदोलन दबाने से सच्चाई नहीं छुपाई जा सकती। कांग्रेस किसानों, मजदूरों और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल से वाराणसी और प्रतापगढ़ की घटनाओं की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने, हाउस अरेस्ट व दमनात्मक कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा शांतिपूर्ण आंदोलनों पर हो रहे दमन को तत्काल रोकने की मांग की।
जिला मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन में वेदान्त तिवारी, मो. इस्तियाक, प्रशांत सिंह प्रिंशु, रवि भूषण सिन्हा, सुरेश कुमार मिश्र, राम रतन तिवारी, कृष्ण कुमार शुक्ल, सरोज कश्यप, फतेह बहादुर सिंह, मीरा देवी गौतम सहित सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


