डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
आनी में बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया। मंडी जिले के टारना वृत्त में पल्स पोलियो अभियान की ड्यूटी के दौरान गिरने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हर्षा की हुई मौत के बाद प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। इसी के तहत आनी में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया और बाल विकास परियोजना अधिकारी आनी इंद्र सिंह गर्ग के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार के नाम मांग पत्र भेजा गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका यूनियन (सीटू) के बैनर तले किए गए इस प्रदर्शन में यूनियन ने मृतका हर्षा के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही परिवार को सामाजिक सुरक्षा, कार्यकर्ताओं के लिए सुरक्षा व बीमा सुविधा, एकमुश्त वेतन भुगतान तथा केंद्र सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों से लंबित वेतन जारी करने की मांग उठाई गई।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकारी अभियानों में जोखिम भरी ड्यूटी निभा रही हैं, लेकिन उनके लिए न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है और न ही सामाजिक सुरक्षा। हर्षा की मौत ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र और गंभीर निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

