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    Tuesday, January 13, 2026

    मनाली की ऊझी घाटी में 42 दिन देव प्रतिबंध, नौ गांवों में थमेगा मनोरंजन

     डी पी रावत 

     अखण्ड भारत दर्पण न्यूज 


    पर्यटन नगरी मनाली की ऊझी घाटी के नौ गांवों में 14 जनवरी से 42 दिनों तक कोई भी मनोरंजन गतिविधि नहीं होगी। देव आदेश के पालन में घाटी के लोग पूरी श्रद्धा के साथ देव प्रतिबंध में बंधने जा रहे हैं। इस दौरान न तो टीवी-रेडियो चलेंगे और न ही होटलों में डीजे बजेगा।


    घाटी के ऐतिहासिक गांव गोशाल में ग्रामीणों ने टीवी, रेडियो सहित मनोरंजन के सभी साधनों को देव आदेश के चलते स्वयं से दूर करने की तैयारी कर ली है। ऊझी घाटी के गोशाल, कोठी, सोलंग, पलचान, रुआड़, कुलंग, शनाग, बुरुआ और मझाच गांवों के लोग सदियों से चली आ रही इस परंपरा का आज भी पूरी निष्ठा से पालन कर रहे हैं।

    देव तपस्या में लीन होंगे

    मान्यता है कि इन गांवों के आराध्य देव गौतम-व्यास ऋषि और नाग देवता 14 जनवरी से तपस्या में लीन हो जाते हैं। देवताओं को शांत वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से गांवों में पूर्ण संयम बरता जाता है। इस दौरान गोशाल गांव के ऐतिहासिक मंदिर की सभी घंटियां बंद कर दी जाएंगी और मंदिर के कपाट भी बंद रहेंगे।

    खेतों और मनोरंजन पर रोक

    देव प्रतिबंध के तहत गोशाल गांव में रेडियो-टीवी का प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा, जबकि अन्य गांवों में ग्रामीण खेतों की ओर भी रुख नहीं करेंगे। साथ ही घाटी में स्थित होटलों में भी डीजे और तेज संगीत पर रोक रहेगी।

    ग्रामीणों ने जताई आस्था

    ग्रामीण मेहर चंद ठाकुर, कृष्णा ठाकुर और वेद राम ठाकुर ने बताया कि ऊझी घाटी के नौ गांवों के लोग 14 जनवरी से 42 दिनों तक देव आदेश का पालन करेंगे। यह परंपरा पूर्वजों से चली आ रही है और आज भी ग्रामीण इसे पूरी श्रद्धा से निभाते हैं।

    स्वर्ग प्रवास के बाद होगा उत्सव

    मान्यता के अनुसार देवताओं के स्वर्ग प्रवास से लौटने पर भव्य उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आराध्य देवों का विधिवत स्वागत होगा। साथ ही देवता आगामी वर्ष में होने वाली घटनाओं के बारे में भविष्यवाणी भी करेंगे। देव कारकून पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सभी देव कार्य संपन्न करेंगे।

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