डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
पहली बार मरीज को चढ़ाया गया रक्त, क्षेत्रवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
करसोग। नागरिक चिकित्सालय करसोग में करीब 9 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा दोबारा शुरू हो गई है। यह जानकारी खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग डॉ. गोपाल चौहान ने दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 के बाद गुरुवार को पहली बार अस्पताल में एक मरीज को सफलतापूर्वक रक्त चढ़ाया गया।
डॉ. चौहान ने बताया कि सीता राम (52 वर्ष), निवासी गांव सोमा कोठी को नागरिक चिकित्सालय करसोग में AB+ रक्त चढ़ाया गया। मरीज किडनी की बीमारी से ग्रस्त है, जिसके कारण उसके शरीर में खून का निर्माण कम हो रहा था। रक्त चढ़ाने से पूर्व रक्त की गहन जांच की गई और पूरी प्रक्रिया चिकित्सकीय मानकों के अनुसार संपन्न कराई गई।
ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोपाल चौहान, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रतीक शर्मा, सीनियर लैब तकनीशियन कमल कांत तथा डायलिसिस तकनीशियन स्मृति मौके पर उपस्थित रहे।
खंड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि नागरिक चिकित्सालय करसोग में पूर्व में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित की गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यह यूनिट बंद पड़ी थी। अब इसे दोबारा सक्रिय कर दिया गया है, जिससे अस्पताल में रक्त चढ़ाने की सुविधा बहाल हो गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में 29 दिसंबर 2025 और 12 जनवरी 2026 को दो रक्तदान शिविर आयोजित किए गए, जिनमें क्रमशः 52 और 86 लोगों ने रक्तदान किया।
डॉ. गोपाल चौहान ने बताया कि इससे पहले नागरिक चिकित्सालय करसोग में फरवरी 2017 में किसी मरीज को रक्त चढ़ाया गया था। इस सुविधा के पुनः शुरू होने से करसोग क्षेत्र के मरीजों को अब इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।


