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    Saturday, October 4, 2025

    तहसीलदार के साथ मारपीट मामले में कारकूनों ने दी ‘टांगें तोड़ देंगे’ की धमकी, मांगा शुद्धिकरण का खर्चा

     


    हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध कुल्लू दशहरा में देवता के अपमान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। गुरुवार को तहसीलदार हरि सिंह यादव और देवता भृगु ऋषि के कारकूनों के बीच झड़प हुई, जिसमें तहसीलदार की भीड़ ने पिटाई की और उन्हें खदेड़ने पर मजबूर किया। बाद में तहसीलदार ने देवता के सामने माफी मांगी और आगे किसी भी पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया।


    कारकूनों ने जताया गुस्सा

    ग्राम पंचायत रतोचा के उपप्रधान और देवता भृगु ऋषि के कारकून रिंकु शाह ने प्रशासन के रवैये पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि माता चामुंडा और देवता के शिविर को लेकर टेंट और जगह के विवाद में प्रशासनिक अधिकारी जूते पहनकर अंदर घुस गए। रिंकु शाह ने कहा, "हम अपनी जगह से एक इंच भी नहीं हटेंगे।" उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि भविष्य में कोई भी अधिकारी देवस्थल में जूते पहनकर न आए, वरना उसके साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


    विवादित रहा तहसीलदार का रवैया

    रिंकु शाह के अनुसार, तहसीलदार ने स्वयं को मेले का मुखिया बताया, जबकि कारकूनों का कहना था कि मेले का मुखिया चुना हुआ प्रतिनिधि होता है, न कि प्रशासनिक अधिकारी। विवाद टेंट लगाने को लेकर सामने आया, जहां प्रशासन ने 16×16 फीट जगह दी थी, जबकि देवता का पुराना और चौड़ा टेंट पहले से लगा हुआ था।


    शुद्धिकरण का खर्चा उठाएगा प्रशासन

    मामले को शांत करने के लिए तहसीलदार ने माफी मांगते हुए देवता के शिविर में कराए गए शुद्धिकरण का पूरा खर्चा उठाने की हामी भर दी। माता चामुंडा धारा मंदिर कमेटी के सदस्य झाबे राम ने इसकी पुष्टि की और कहा कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में देवी-देवताओं के बैठने की व्यवस्था बेहतर तरीके से की जाए।


      बंजार के विधायक ने उठाए सवाल

    बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी ने भी इस मामले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तहसीलदार का रवैया ठीक नहीं है और पिछले साल 2023 में भी उन्होंने 18 देवताओं के टेंट उखाड़ दिए थे। शौरी ने इस बहाने सुक्खू सरकार पर भी निशाना साधा।


    संस्कृति और संवेदनशीलता का मामला

    इस घटना ने कुल्लू दशहरा जैसे बड़े आयोजन में सांस्कृतिक संवेदनशीलता की अहमियत को फिर से रेखांकित किया। हालांकि विवाद भले ही शांत हो गया हो, लेकिन तहसीलदार की पिटाई पर अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

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