गूँज के सहयोग से कंबल, राशन, तिरपाल और अन्य जरूरत का सामान पहुंचाया
हिमाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं ने कई परिवारों को गहरी चोट पहुंचाई है। कहीं घर उजड़ गए तो कहीं मवेशियों और जमीन का नुकसान हुआ। ऐसे हालात में श्रीखंड वेलफेयर एंड चैरिटेबल सोसायटी ने एक बार फिर राहत कार्य आगे बढ़ाते हुए आनी और निरमंड खंड के 200 परिवारों तक मदद पहुंचाई।
सोसायटी ने गूँज (Goonj) संस्था के सहयोग से इन परिवारों को कंबल, तिरपाल, बिछौना, राशन और जरूरत अनुसार सामग्री वितरित की।
पिछले साल भी निभाया था सामाजिक दायित्व
संस्था के संस्थापक चंद्रेश ठाकुर ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष आई आपदा के दौरान बागीपुल और समेज क्षेत्र में भी सोसायटी ने गूँज के माध्यम से 200 से अधिक पीड़ित परिवारों तक राहत पहुंचाई थी। उस समय दस दिन तक बागीपुल में लंगर सेवा चलाकर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया गया था।
इस साल भी बढ़ाया मदद का हाथ
सोसायटी के अध्यक्ष ईरिक कायथ ने कहा कि इस साल की प्राकृतिक आपदा ने पूरे हिमाचल को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने बताया—
“इस भयावह त्रासदी ने न जाने कितने मासूम जीवन छीन लिए। अनगिनत घर मलबे में दब गए, कई परिवारों की वर्षों की मेहनत से संजोई गई जमीनें बह गईं और मवेशी तक आपदा की भेंट चढ़ गए। ऐसे में हमारी संस्था का कर्तव्य है कि हम हर प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री पहुंचाएं।”
जरूरतमंदों तक पहुंचाने का संकल्प
संस्था का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ राहत बांटना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को यह भरोसा देना भी है कि समाज उनके साथ खड़ा है। संस्था आगे भी हर जरूरतमंद तक राहत पहुंचाने का संकल्प लेकर काम करती रहेगी।
स्थानीय लोगों ने भी सोसायटी के इस प्रयास की सराहना की और कहा कि मुश्किल घड़ी में ऐसी संस्थाओं का सहयोग उम्मीद की किरण साबित होता है।
