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निरंकारी मिशन की डल्हौजी शाखा में आज सत्संग का आयोजन किया जिसमें बहन मेघा जी ने संगत को प्रवचनों से निहाल किया। उन्होनें कहा कि निरंकारी मिशन सच का संदेश देश-विदेश और गांव-गांव में पहुंचा रहा है। सच परमात्मा है और यह हमारे अंग-संग विराजमान है जिसकी अनुभूति निरंकारी मिशन करवा रहा है बहन ने कहा कि परमात्मा का बोध सतगुरू की कृपा से संभव है जिसे ब्रह्मज्ञान कहा गया है। उन्होंने कहा कि जब हमें परमात्मा का दीदार हो जाता है उसके बाद कोई भ्रम नहीं रह जाता है। ब्रह्मज्ञानी वही कहलाया जाता है जो परमात्मा को अंग-संग महसूस करते हुए सद मार्ग पर चलता है। नफरत निंदा से परे हो जाता है और दूसरे के सुख में अपनी खुशियां मनाता है। उन्होंने कहा कि निरंकारी मिशन यह संदेश दे रहा है कि परमात्मा को जाना जा सकता है जिसके लिए किसी तपस्या या भक्ति की जरूरत नहीं। जिज्ञासू पल भर में पूर्ण सतगुरू से पल भर में कण-कण में व्याप्त इस निराकार सत्ता की
अनुभूति कर सकता है। मेघा जी ने कहा कि निरंकारी मिशन के उपदेशों का अनुसरण ही मिशन की शिक्षा है। हमारा व्यवहार सौहार्दपूर्ण और मेल-मिलाप वाला होना चाहिए। व्यवहार से निरंकारी होना चाहिए न कि हम बोल कर बताएं कि हम निरंकारी हैं। इस दौरान संयोजक महात्मा एच एस गुलेरिया जी विशेष रुप से उपस्थित रहे ।
