धर्मशाला,ऑनलाइन डैस्क।
अखण्ड भारत (दर्पण ABD)न्यूज़।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा मार्च माह में आयोजित होने जा रही 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं को नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार कड़े एवं हाईटेक इंतजाम किए गए हैं। प्रदेशभर में बनाए गए कुल 2,384 परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन मॉनीटरिंग सीधे बोर्ड मुख्यालय, धर्मशाला से की जाएगी। इसके लिए बोर्ड मुख्यालय में विशेष स्क्रीनें स्थापित की जाएंगी, जिनके माध्यम से प्रत्येक परीक्षा केंद्र की गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी।
बोर्ड ने परीक्षाओं के दौरान नकल पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए पांच स्तरीय मॉनीटरिंग व्यवस्था लागू की है। उपमंडल स्तर पर एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक उड़नदस्ते गठित किए जाएंगे, वहीं शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा बोर्ड के उड़नदस्ते भी नियमित निरीक्षण करेंगे। इन सभी दस्तों की निगरानी के लिए बोर्ड द्वारा एक विशेष उड़नदस्ता भी तैनात किया जाएगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि सभी टीमें अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर रही हैं।
स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि इस बार परीक्षाओं में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। नकल या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, ताकि परीक्षाएं शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और विश्वसनीय ढंग से संपन्न हो सकें।
इसके साथ ही उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में भी सख्ती बरती जाएगी। शिक्षकों को अब उत्तरपुस्तिकाएं घर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूल्यांकन कार्य केवल निर्धारित केंद्रों पर ही किया जाएगा, जहां सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। लापरवाही या गलत मूल्यांकन पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड ने छात्रों को राहत देते हुए यह भी घोषणा की है कि यदि मार्च परीक्षा में किसी विद्यार्थी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहता, तो उसे जून में दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। जून परीक्षा में प्राप्त बेहतर अंकों को मार्च के अंकों में जोड़कर परिणाम तैयार किया जाएगा, जिससे छात्रों का शैक्षणिक वर्ष खराब न हो।
