गणतंत्र दिवस से पहले हिमाचल पुलिस में बड़ा फेरबदल, 6 IPS बने DIG और 3 अधिकारी IG पद पर पदोन्नत - अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़

अखण्ड भारत दर्पण (ABD)  न्यूज़

ABD News पर पढ़ें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, प्रदेश और स्थानीय समाचार। राजनीति, शिक्षा, खेल और ताज़ा खबरें।


Breaking News

    Friday, January 23, 2026

    गणतंत्र दिवस से पहले हिमाचल पुलिस में बड़ा फेरबदल, 6 IPS बने DIG और 3 अधिकारी IG पद पर पदोन्नत

     डी पी रावत 

    अखण्ड भारत दर्पण न्यूज 

    शिमला | ब्यूरो

    गणतंत्र दिवस से पहले हिमाचल प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में अहम प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति और वेतन लाभ प्रदान किया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचनाओं के अनुसार 2012 बैच के छह आईपीएस अधिकारियों को उप महानिरीक्षक (DIG) पद पर पदोन्नत किया गया है, जबकि 2008 बैच के तीन अधिकारियों को पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है।


    मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक यह पदोन्नति स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर की गई है, जिसे राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। सभी पदोन्नतियां 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। डीआईजी पद पर पदोन्नत अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-13ए के अंतर्गत 1,31,100 से 2,16,600 रुपये तक वेतन मिलेगा।


    इन छह अधिकारियों को मिला डीआईजी पद

    2012 बैच की आईपीएस अधिकारी शालिनी अग्निहोत्री, जो वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, को प्रोफार्मा आधार पर डीआईजी पद पर पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा नियमित आधार पर जिन पांच अधिकारियों को डीआईजी बनाया गया है, उनमें साइबर क्राइम शिमला के पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी, द्वितीय आईआरबीएन सकोह (कांगड़ा) के कमांडेंट डॉ. खुशाल चंद शर्मा, शिमला के एसएसपी संजीव कुमार गांधी, पुलिस मुख्यालय शिमला में एसपी (लीव रिजर्व) के पद पर तैनात डॉ. रमेश चंद्र छाजटा तथा चतुर्थ आईआरबीएन जंगलबेरी के कमांडेंट डॉ. दिवाकर शर्मा शामिल हैं।

    तीन आईपीएस बने पुलिस महानिरीक्षक (IG)

    वहीं 2008 बैच के तीन आईपीएस अधिकारियों एस अरुल कुमार, जी शिवकुमार और डीके चौधरी को पदोन्नत कर पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। एस अरुल कुमार और जी शिवकुमार वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, जबकि डीके चौधरी पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज दरोह में प्रिंसिपल के पद पर तैनात हैं।

    सरकार के इस फैसले को गणतंत्र दिवस से पहले पुलिस प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।