फर्जी ग्राम सभा ‘शून्य’ घोषित, प्रधान-पूर्व BDO समेत 4 पर जुर्माना
प्रधान विनोद कुमार ने किया आरोपों का खण्डन
आनी,24 जनवरी
डी० पी०रावत
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की ग्राम पंचायत बैहना में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के तहत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
मनरेगा लोकपाल डॉ. संदीप कुमार ने 2 अक्टूबर 2025 को हुई ग्राम सभा को गैरकानूनी और आरंभ से ही शून्य (Void ab-initio) घोषित करते हुए पंचायत प्रधान, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक और तत्कालीन बीडीओ पर जुर्माना लगाया है।
लोकपाल ने अपने आदेश (Award No. 01/2025-26, दिनांक 9 जनवरी 2026) में कहा कि ग्राम सभा में अनिवार्य कोरम पूरा नहीं था, इसके बावजूद प्रस्ताव पास कर सरकारी रिकॉर्ड में भारी हेराफेरी की गई।
कैसे खुला मामला?
शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम सभा के दिन शाम 4 बजे तक केवल 68 ग्रामीण ही मौजूद थे, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में बाद में 183 लोगों के हस्ताक्षर दिखाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि कई ग्रामीणों को न तो बैठक की सूचना दी गई और न ही कोई प्रस्ताव पढ़ा गया।
जांच में ये अहम तथ्य आए सामने
ग्राम सभा में कोरम पूरा नहीं था
उपस्थिति रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान
पंचायत सचिव बैठक में मौजूद नहीं थीं, फिर भी रिकॉर्ड में हस्ताक्षर
तत्कालीन बीडीओ ने जांच के दौरान दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए
इन पर गिरी लोकपाल की गाज
लोकपाल ने मनरेगा अधिनियम की धारा 25(1) के तहत चारों को दोषी मानते हुए ₹1,000-₹1,000 का जुर्माना लगाया:
विनोद कुमार – प्रधान, ग्राम पंचायत बैहना
राठी देवी – पंचायत सचिव
शशि कला – ग्राम रोजगार सेवक
विद्या चौहान – तत्कालीन बीडीओ-सह-कार्यक्रम अधिकारी (सेवानिवृत्त)
जुर्माने की राशि 30 दिनों के भीतर राज्य रोजगार गारंटी फंड में जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
आगे क्या कार्रवाई होगी?
उपायुक्त कुल्लू को प्रधान के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देशसचिव और अन्य कर्मचारियों पर CCS (CCA) नियम 1965 के तहत विभागीय जांच की सिफारिश और 30 दिन में अनुपालन रिपोर्ट तलब।
शिकायत किसने की थी?
उप-प्रधान शूलेंद्र कुमार सहित 11 ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि फर्जी ग्राम सभा के जरिए योजनाएं पास कर गलत लाभार्थियों को फायदा पहुंचाया गया।
पक्ष भी जानिए
ग्राम पंचायत बैहना के प्रधान विनोद ठाकुर ने सभी आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि मामले को जानबूझकर तूल दिया जा रहा है।