26 जनवरी,निरमण्ड।
डी० पी०रावत।
अखण्ड भारत दर्पण (ABD)न्यूज़।
निरमण्ड क्षेत्र के लिए यह अत्यंत हर्ष एवं गौरव का विषय है कि समाज की सांस्कृतिक धरोहर को निस्वार्थ भाव से संजोए रखने वाले कुण्डाकोड गांव के झल्ली राम को उप मण्डल स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें माननीय उप मण्डल दण्डाधिकारी निरमण्ड मनमोहन सिंह द्वारा प्रदान किया गया।
झल्ली राम बाल्यकाल से ही देव संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन में समर्पित रहे हैं। बुड्ढी दयाउड़ी मेले में प्रस्तुत होने वाला बड़ी डेरच (बड़ी मशाल) का आकर्षक और पौराणिक दृश्य उनकी साधना और समर्पण का जीवंत उदाहरण है। यह दृश्य अग्नि के लिए देवराज इंद्र और वृत्रासुर के संघर्ष को दर्शाता है, जो पूरी रात चलने वाले मेले का केंद्र बिंदु होता है। वर्ष 1965 से लेकर आज तक झल्ली राम अपने साथियों के साथ इस मशाल का निर्माण करते आ रहे हैं तथा इसके मंचन का दायित्व भी निरंतर निभा रहे हैं।
आठ दशक की आयु पूर्ण करने के बावजूद झल्ली राम जी आज भी देव संस्कृति से जुड़े सभी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। बड़ा देव या विष्णु भगवान का वाद्य यंत्र (छोटा बाजा अर्थात स्थानीय बोली में "छाबा")वादन,
हर आयोजन में उनकी सहभागिता देखने को मिलती है। विष्णु भगवान से संबंधित किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में वे सदैव अग्रणी रहते हैं। इसके अतिरिक्त रामायण, महाभारत एवं अन्य पौराणिक लोक गाथाओं के गायन में भी उन्हें विशेष महारत प्राप्त है।
राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पर ऐसे संस्कृति संरक्षक को सम्मानित किया जाना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। स्थानीय लोगों ने इस सम्मान के लिए एसडीएम निरमण्ड मनमोहन सिंह का आभार व्यक्त किया है। यह सम्मान न केवल लोक संस्कृति को प्रोत्साहन देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है।
