बंजार (परस राम भारती)
हिमाचल प्रदेश के ऊँचाई वाले इलाकों में लंबे अंतराल के बाद अचानक आए भीषण हिम तूफ़ान ने एक बार फिर पहाड़ी मौसम की गंभीरता को उजागर कर दिया है। जलोड़ी पास स्थित प्रसिद्ध रघुपुर गढ़ (रघुपुर फ़ोर्ट) के समीप कुछ पर्यटक टेंट लगाकर ठहरे हुए थे, जो अचानक तेज़ बर्फ़बारी और तूफ़ानी हवाओं के कारण वहीं फँस गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 5 पर्यटक इस दौरान मदद की माँग कर रहे थे और उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से स्थिति की जानकारी भी साझा की। मौसम की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों और प्रशासन की ओर से तत्काल सहायता प्रयास शुरू किए गए। राहत की बात यह रही कि स्थानीय ग्रामीणों की एक रेस्क्यू टीम रघुपुर फ़ोर्ट तक पहुँचने में सफल रही और सभी पर्यटकों के सकुशल होने की पुष्टि की गई है।
इधर, जिला कुल्लू के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में अचानक मौसम खराब होने से भारी हिमपात, तेज़ बारिश, आंधी-तूफ़ान और कई स्थानों पर व्हाइटआउट जैसी स्थिति बन गई है। मनाली, जीभी घाटी, तीर्थन घाटी, सैंज घाटी सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फ़बारी के कारण कई संपर्क सड़कें बंद हो गई हैं। सड़कों पर फिसलन और दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने जन-सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। आम जनता और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे मौसम सामान्य होने तक घरों और होटलों में ही रहें तथा अनावश्यक यात्रा और साहसिक गतिविधियों से बचें।
प्रशासन की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई है कि –
यात्रा से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लें,
केवल सुरक्षित ठहराव स्थलों में ही रुकें,
प्रशासन, पुलिस व रेस्क्यू एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें,
बर्फ़ीले क्षेत्रों में केवल गूगल मैप पर निर्भर न रहें,
पहाड़ों का सम्मान करें, क्योंकि वे जितने सुंदर हैं, उतने ही जोखिम भरे भी हैं।
फिलहाल रघुपुर गढ़ में फँसे सभी पर्यटक सुरक्षित बताए जा रहे हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और आमजन से सहयोग की अपील की गई है।
