डी.पी.रावत
23 जनवरी 2026, आनी
भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, करुणा, प्रेम और समर्पण की प्रतिमूर्ति माना गया है। वह परिवार की रक्षक और समाज निर्माण की मार्गदर्शक होती है। महिलाओं के भीतर विद्यमान सप्त शक्तियों को जागृत करने के उद्देश्य से विद्या भारती महिला शक्ति संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, आनी में ‘सप्तशक्ति संगम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ज्ञानोदय सत्र, प्रश्नोत्तर, उल्लेखनीय कार्य करने वाली माताओं का सम्मान, प्रेरक गीतों की प्रस्तुति तथा महान महिलाओं के जीवन पर आधारित अनुभव साझा किए गए। कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मबल, आत्मविश्वास और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लीला शांडिल रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मीना ठाकुर ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में गोयला आज़ाद ने महिलाओं की भूमिका और सामाजिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि ऊषा शर्मा रहीं। कार्यक्रम की संयोजिका अमिता भारद्वाज (हिमाचल शिक्षा समिति सह-सचिव) ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
इसके अलावा विशेष अतिथियों में शेतू देवी शर्मा, रंजना डोगरा, शशि शर्मा, प्रबंध समिति, मातृ भारती के पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल रहे। कार्यक्रम में लगभग 150 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता को निरंतर बढ़ाने का संकल्प दोहराया।




