23 जनवरी |
डी० पी०रावत।
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़।
पत्रकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम आदेश दिया है। पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और उत्तर प्रदेश पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत पत्रकारों को विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। केवल सरकार या प्रशासन की आलोचना करना कोई अपराध नहीं है, और इस आधार पर किसी पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं किया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पत्रकार द्वारा प्रकाशित लेख को अपराध की श्रेणी में लाने से पहले यह देखा जाना चाहिए कि उसमें कानून व्यवस्था भंग करने या घृणा फैलाने का स्पष्ट तत्व है या नहीं।
इस आदेश को देशभर के पत्रकारों के लिए एक बड़ी राहत और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
👉 यह फैसला पुलिस और राज्य सरकारों के लिए भी एक स्पष्ट संकेत है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ मनमानी नहीं की जा सकती।


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