डी पी रावत
अखण्ड भारत दर्पण न्यूज
12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से बुच्छैर क्षेत्र में आज से व्यापक जन-अभियान की शुरुआत की गई। सीटू आनी के संयोजक पदम प्रभाकर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर मनरेगा, स्मार्ट मीटर और श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ लोगों को जागरूक किया।
पदम प्रभाकर ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा कानून, निर्माण मजदूरों के कानून और श्रम कानूनों को कमजोर कर मजदूरों व ग्रामीणों के अधिकार खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब मनरेगा में पंचायतों और ग्रामीणों के अधिकार छीने जा रहे हैं और काम का निर्धारण सीधे केंद्र सरकार करेगी, जिससे योजना को सुनियोजित तरीके से बंद करने की मंशा साफ झलकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार बड़े पूंजीपतियों और मालिकों के हित में नीतियां बना रही है, जिसका सीधा नुकसान मजदूरों और गरीब तबके को होगा।
स्मार्ट मीटर को लेकर भी उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यह “एक धोखा” है। स्मार्ट मीटर लगने से सरकारी अनुदान खत्म होगा और आम उपभोक्ता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि “अदानी के मीटर और अदानी के मोबाइल” के जरिए निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्मार्ट मीटर का विरोध नहीं किया गया तो एक दिन लोगों को पछताना पड़ेगा।
सीटू ने 12 फरवरी को अधिक से अधिक संख्या में आनी पहुंचकर राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया है ।
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