शिमला। 5 जनवरी
अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस की राज्य स्तरीय कार्यकारिणी की बैठक बुधवार को राजीव भवन, शिमला में कार्यवाहक अध्यक्ष श्री अमित भरमौरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत, चुस्त-दुरुस्त एवं जमीनी स्तर तक सुदृढ़ करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही समसामयिक राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में राष्ट्रीय समन्वयक श्री राकेश मीणा, हिमाचल प्रदेश के प्रभारी एवं कार्यवाहक अध्यक्ष श्री शेर सिंह नेगी, लाहौल-स्पीति की विधायक सुश्री अनुराधा राणा, राष्ट्रीय समन्वयक एवं जम्मू-कश्मीर–लद्दाख प्रभारी विक्टर ढिस्सा, राज्य महासचिव महेश शर्मा सहित प्रदेश एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यकारिणी बैठक में प्रस्तावित पंचायती राज चुनावों, नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत चुनावों को लेकर संगठन की भूमिका पर चर्चा की गई। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा पर किए जा रहे कथित हमलों और उसके आदिवासी, ग्रामीण एवं कमजोर वर्गों पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर गहरी चिंता जताई गई।
नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा आदिवासी और ग्रामीण समाज की जीवनरेखा है। इस योजना को कमजोर करने का कोई भी प्रयास सीधे तौर पर गरीबों की रोज़ी-रोटी और लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला है। स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कमजोर करना लोकतंत्र की जड़ों को खोखला करने जैसा है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर शांतिपूर्ण राज्य स्तरीय आंदोलन भी शुरू किया जाएगा। संगठन ने आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा एवं आजीविका के साधनों की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प दोहराया।
अंत में प्रेस का धन्यवाद करते हुए नेताओं ने कहा कि आदिवासी कांग्रेस जनहित के किसी भी मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है और हर परिस्थिति में जनता की आवाज बनकर मजबूती से खड़ी रहेगी।
