11 मार्च,आनी।
✍️ डी० पी० रावत।
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़।
प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. प्रकाश आचार्य ने शिक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित ज्ञान नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास की आधारशिला है। शिक्षा ही वह शक्ति है जो इंसान के विचारों, दृष्टिकोण और जीवन की दिशा को बदलने की क्षमता रखती है।
डॉ. आचार्य के अनुसार शिक्षा मनुष्य को सही और गलत में अंतर समझने की क्षमता प्रदान करती है। एक शिक्षित व्यक्ति अधिक आत्म-जागरूक होता है, सोच-समझकर निर्णय लेता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा आत्मविश्वास को बढ़ाती है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देती है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में सफल करियर के लिए शिक्षा बेहद आवश्यक है। शिक्षा व्यक्ति को आवश्यक कौशल और विशेषज्ञता प्रदान करती है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है। डॉ. प्रकाश आचार्य ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार एक शिक्षित समाज ही देश की आर्थिक प्रगति, सामाजिक समरसता और नवाचार को गति दे सकता है। शिक्षा नागरिकों को जिम्मेदार बनाती है और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाती है।
निष्कर्ष में उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह साधन है जो व्यक्ति की छिपी हुई क्षमताओं को उजागर करती है और एक बेहतर समाज तथा समृद्ध राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करती है।
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