ईद-उल-फितर की तैयारियों को लेकर मुस्लिम संगठनों द्वारा प्रशासन को सौंपा मांगपत्र, सुरक्षा व सुविधाओं की उठाई मांग* - अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़

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    Wednesday, March 18, 2026

    ईद-उल-फितर की तैयारियों को लेकर मुस्लिम संगठनों द्वारा प्रशासन को सौंपा मांगपत्र, सुरक्षा व सुविधाओं की उठाई मांग*

    अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज पंजाब/जालंधर (कमल जीत शीमार ऑनलाइन डेस्क ब्यूरो) : जालंधर, (17 मार्च 2026) ईद-उल-फितर के पावन अवसर को लेकर जालंधर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान द्वारा जिला प्रशासन को मांगपत्र सौंपकर ईद की नमाज के दौरान बेहतर प्रबंध करने की मांग की गई है। इस मौके पर शहर की विभिन्न मस्जिदों के प्रधान, मुस्लिम समाज के गणमान्य व्यक्ति और संगठन के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।

    एडवोकेट नईम खान द्वारा बताया गया कि इस वर्ष ईद-उल-फितर की नमाज 20 या 21 मार्च को अदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोग ईद की नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों और ईदगाहों में पहुंचेंगे, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह पहले से ही सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करे।
    उन्होंने मांगपत्र के माध्यम से प्रशासन से अपील की गई है कि शहर की सभी मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास साफ-सफाई, पीने के पानी, ट्रैफिक व्यवस्था और पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाए। साथ ही नमाज के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती और सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए जाएं।

    नईम खान द्वारा कहा गया कि जालंधर में लगभग डेढ़ सौ से अधिक मस्जिदें हैं, जहां मुस्लिम समाज के लोग ईद की नमाज अदा करते हैं। ऐसे में पूरे शहर में समुचित प्रबंधन और समन्वय बेहद जरूरी है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हो सके।
    उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जालंधर की ईदगाह को मलेरकोटला ईदगाह की तर्ज पर विकसित करने का जो ऐलान किया गया था, उस पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में जल्द कदम उठाने की मांग की गई है, ताकि आने वाले समय में लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    अंत में उन्होंने प्रशासन से सहयोग की उम्मीद जताते हुए कहा कि ईद का त्योहार आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द का प्रतीक है, और इसे सफल बनाने के लिए प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर काम करना जरूरी है।