🔴आनी में ‘मोदी-ट्रंप’ पर नुक्कड़ नाटक से गरमाई राजनीति: जन आक्रोश जत्था में लगा आरोप—केंद्र ने हिमाचल की आर्थिक रीढ़ तोड़ी - अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़

अखण्ड भारत दर्पण (ABD)  न्यूज़

ABD News पर पढ़ें राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, प्रदेश और स्थानीय समाचार। राजनीति, शिक्षा, खेल और ताज़ा खबरें।


Breaking News

    Thursday, March 12, 2026

    🔴आनी में ‘मोदी-ट्रंप’ पर नुक्कड़ नाटक से गरमाई राजनीति: जन आक्रोश जत्था में लगा आरोप—केंद्र ने हिमाचल की आर्थिक रीढ़ तोड़ी

    डी० पी० रावत।
    12 मार्च,आनी/कुल्लू।
    अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़।
    🔹 NH-305 न्यू बस स्टैंड पर करीब एक घंटा ट्रैफिक जाम, नुक्कड़ नाटक में ‘मोदी-ट्रंप संवाद’ से केंद्र की नीतियों पर तीखा हमला।

    🔹CPI(M) नेताओं का दावा—वन संरक्षण अधिनियम और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद होने से हिमाचल आर्थिक संकट में।
    जन आक्रोश जत्था जब आनी पहुंचा तो राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। न्यू बस स्टैंड NH-305 पर आयोजित नुक्कड़ नाटक और सभा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा सवाल खड़ा किया। कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक व्यंग्यात्मक नुक्कड़ नाटक के माध्यम से “मोदी-ट्रंप संवाद” प्रस्तुत किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक नीतियों में भारत के हितों को कमजोर किया है।

    नुक्कड़ नाटक के चलते न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी कार्यक्रम को देखने के लिए जुटे।

    सभा को संबोधित करते हुए CPI(M) नेता राकेश सिंघा ने कहा कि केंद्र सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम (Forest Conservation Act )1980 के जरिए हिमाचल प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण बढ़ाकर राज्य की आय के प्रमुख स्रोतों को सीमित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब हिमाचल को मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को बंद कर राज्य की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार को चलाने के लिए हर साल करीब 60 हजार करोड़ रुपये का खर्च आता है, जबकि राज्य के वनों से होने वाली संभावित आय कई लाख करोड़ रुपये तक हो सकती है। यदि वनों का प्रबंधन पूरी तरह राज्य सरकार के अधीन कर दिया जाए तो हिमाचल प्रदेश आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकता है और कर्मचारियों के वेतन, पेंशन तथा अन्य वित्तीय दायित्वों का भुगतान समय पर संभव होगा।
    सभा को डॉक्टर ओंकार शाद संजय चौहान और प्रताप ठाकुर ने भी संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि केंद्र की नीतियों के खिलाफ जनता में आक्रोश बढ़ रहा है और इसके विरोध में व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
    राज्य कमेटी के महासचिव संजय चौहान ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि प्रस्तावित जनविरोधी कानूनों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आवाज बुलंद करें। कार्यक्रम में दलीप ठाकुर, भवानी सिंह ठाकुर, रमेश कुमार, गीता राम ठाकुर, पदम प्रभाकर और मिलाप सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।