📌 सीएम सुक्खू का दावा – पुरुषों के भी ‘बच्चादानी ऑपरेशन’ और एक्सपायर लेंस लगाने के आरोप, विजिलेंस जांच शुरू
शिमला, 27 मार्च | डी.पी. रावत, विशेष रिपोर्ट
अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़
हिमाचल प्रदेश की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना हिमकेयर इन दिनों बड़े विवादों के केंद्र में आ गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और करीब 100 से 110 करोड़ रुपये के घोटाले का दावा करते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि योजना के तहत हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं, जिनमें पुरुषों के भी बच्चादानी (यूटरस) के ऑपरेशन दिखाए गए हैं। इतना ही नहीं, कई मरीजों को एक्सपायर आई लेंस लगाने जैसी लापरवाही भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और सरकार किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी।
सरकार के अनुसार, इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट में ही 100 से 110 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जिसमें मुख्य रूप से इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा का नाम सामने आया है। फिलहाल निजी अस्पतालों को किए गए भुगतान की जांच अभी बाकी है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि मामले की जांच विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकार मरीजों के लिए एक नई इंश्योरेंस पॉलिसी पर भी विचार कर रही है, हालांकि हिमकेयर योजना को बंद करने का फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
वहीं दूसरी ओर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हिमकेयर को “घोटाला” बताने को अनुचित करार देते हुए सरकार पर राजनीतिक आरोप लगाने का आरोप लगाया। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि इतना बड़ा घोटाला हुआ है तो पिछले वर्षों में इसकी जांच क्यों नहीं करवाई गई।
उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकार से यह भी सवाल किया कि क्या वर्तमान सरकार अपने कार्यकाल में हुए खर्च की भी जांच करवाएगी।
इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश में सियासी माहौल गरमा गया है और सत्ता व विपक्ष के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। अब सबकी नजर विजिलेंस जांच पर टिकी है, जिससे इस विवाद की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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