खामोशी के पीछे का राज: आखिर क्यों है गायब  राघव चड्ढा - अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़

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    Monday, March 23, 2026

    खामोशी के पीछे का राज: आखिर क्यों है गायब  राघव चड्ढा

    खामोशी के पीछे का राज: आखिर क्यों है गायब  राघव चड्ढा



    हिमाचल प्रदेश ( प्रकाश शर्मा, जी सी शर्मा)भारतीय राजनीति में इन दिनों एक नाम सबसे ज्यादा चर्चाओं में है और वो है आम आदमी पार्टी के युवा और तेजतर्रार नेता राघव चड्ढा। पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा की रहस्यमयी खामोशी ने न केवल उनकी पार्टी के भीतर बल्कि विपक्षी खेमे में भी सवालों का अंबार खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक, हर तरफ बस एक ही सवाल गूंज रहा है— "क्या राघव चड्ढा बीजेपी का दामन थामने वाले हैं?" इस कयासबाजी ने तब और जोर पकड़ लिया जब आम आदमी पार्टी के संकट मोचन कहे जाने वाले सांसद संजय सिंह ने एक इंटरव्यू में राघव को लेकर ऐसी बातें कहीं, जो अब सुर्खियां बन चुकी हैं। संजय सिंह का बयान न केवल सफाई देने वाला था, बल्कि उसमें एक छिपी हुई चेतावनी और नाराजगी का पुट भी साफ नजर आ रहा था, जिसने इस पूरे मामले को और अधिक सस्पेंस से भर दिया है।

    खामोशी के पीछे का राज: आखिर क्यों गायब हैं राघव चड्ढा?

    राजनीति में 'टाइमिंग' का बड़ा महत्व होता है। जब दिल्ली शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं को अदालत से बड़ी राहत मिल रही थी और पूरी पार्टी सड़कों पर जश्न मना रही थी, तब राघव चड्ढा की अनुपस्थिति ने सबको चौंका दिया। राघव, जो कभी पार्टी के हर छोटे-बड़े मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते नजर आते थे, आज पूरी तरह से मौन हैं। न तो उनका कोई आधिकारिक बयान आया और न ही उन्होंने सोशल मीडिया पर नेताओं की रिहाई या पार्टी की जीत का जश्न मनाया। जानकारों का मानना है कि राघव चड्ढा की यह दूरी केवल व्यक्तिगत कारणों से नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे पंजाब की राजनीति और पार्टी के भीतर उनके बढ़ते कद को कम करने की कोशिशें भी एक वजह हो सकती हैं। विपक्षी दल इसे 'बगावत से पहले की शांति' कह रहे हैं, जबकि पार्टी के भीतर दबी जुबान में इसे नाराजगी का नाम दिया जा रहा है।

    संजय सिंह का धमाका: "अगर वो गए तो सबसे पहले मैं ही विरोध करूँगा"
    राघव चड्ढा के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए जब संजय सिंह सामने आए, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले लेकिन सख्त लहजे में अपनी बात रखी। संजय सिंह ने कहा कि फिलहाल उन्हें नहीं लगता कि राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि परिवार में छोटे-मोटे मनमुटाव होते रहते हैं, जिन्हें बैठकर सुलझा लिया जाता है। लेकिन इसके ठीक बाद संजय सिंह ने एक बड़ी बात कह दी, जिसने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि "यदि राघव चड्ढा कभी पार्टी छोड़ने या बीजेपी में जाने जैसा कदम उठाते हैं, तो सबसे पहले उनके खिलाफ मोर्चा खोलने वाला व्यक्ति मैं ही होऊंगा।" सिंह के इस बयान से यह स्पष्ट है कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है और राघव की चुप्पी ने उनके साथियों के मन में भी संदेह के बीज बो दिए हैं।

    पंजाब चुनाव और राज्यसभा की जंग: क्या दांव पर है राघव का करियर?
    राघव चड्ढा फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं और पंजाब सरकार में उनका हस्तक्षेप जगजाहिर रहा है। हालांकि, पिछले कुछ समय में पंजाब की राजनीति के समीकरण बदले हैं और राघव को वहां की सक्रियता से थोड़ा पीछे खींचा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी पंजाब में अपना आधार मजबूत करना चाहती है और उसे राघव चड्ढा जैसे एक युवा और पढ़े-लिखे चेहरे की तलाश हो सकती है। दूसरी ओर, 'आप' के लिए राघव को खोना एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि वे न केवल चतुर रणनीतिकार हैं बल्कि पार्टी का एक बड़ा चेहरा भी हैं। संजय सिंह से जब राघव की चुप्पी पर सवाल हुआ, तो उन्होंने गेंद राघव के पाले में डालते हुए कहा कि "वे चुप क्यों हैं, इसका जवाब वही दे पाएंगे।" यह टिप्पणी दर्शाती है कि नेतृत्व और राघव के बीच संवाद की कमी बढ़ती जा रही है।

    क्या है अगला सियासी कदम? अटकलों और हकीकत के बीच फंसी AAP
    फिलहाल पूरा मामला 'वेट एंड वॉच' (इंतजार करो और देखो) की स्थिति में है। राघव चड्ढा का बीजेपी में जाना केवल एक अफवाह है या किसी बड़ी पटकथा का हिस्सा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन संजय सिंह के इस सार्वजनिक बयान ने यह जरूर तय कर दिया है कि आम आदमी पार्टी अब डिफेंसिव मोड (बचाव की मुद्रा) से बाहर आकर कड़े फैसले लेने की तैयारी में है। अगर राघव जल्द ही सार्वजनिक रूप से पार्टी के समर्थन में नहीं उतरते, तो इन अटकलों को और अधिक हवा मिलेगी। आने वाले कुछ दिन दिल्ली और पंजाब की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं, क्योंकि यदि 'आप' का यह युवा सितारा पाला बदलता है, तो यह देश की राजनीति में 2026 की सबसे बड़ी हलचल साबित होगी।



    With Regards,

    Prakash Chand Sharma
    Vill Chhajwan Khabu, PO Sardhwar
    Tehsil Balh Distt Mandi HP
    98174-63818