उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना की जिला स्तरीय समिति बैठक की अध्यक्षता की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति द्वारा वर्ष 2021-22 में 53 प्रस्तावनाएं स्वीकृत की गई, जिसमें प्रशिक्षकों की संख्या 53 और प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 285 है। उन्होंने कहा कि 2021-22 में 53 लाख 32 हजार 500 रुपये की राशि प्रशिक्षण के लिए व्यय की गई।
आदित्य नेगी ने कहा कि प्रशिक्षण उन पात्र प्रशिक्षणार्थियों को ही देना चाहिए, जो प्रशिक्षण प्राप्त कर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके और सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना का लाभ उठाकर अपनी आजीविका कमा सके।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 2022-23 में प्रथम चरण में 90 प्रस्तावनाएं स्वीकृत की गई है, जिसमें प्रशिक्षकों की संख्या 90 और प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 449 है। इस वित्तीय वर्ष में इस योजना में 2022-23 में 60 लाख 61 हजार 500 रुपये की राशि का आबंटन समस्त विकास खण्डों को दिया गया।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत युवा पीढ़ी को अधिक से अधिक प्रशिक्षण देना आवश्यक है, जिससे युवा वर्ग स्वयं इस योजना का लाभ प्राप्त कर आत्मनिर्भर हो सके। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में कढ़ाई, रुमाल, जुराबें, टोपियां एवं अन्य ऊनी वस्त्र, शाॅल तथा धातु एवं लकड़ी का काम, चित्रकारी जैसे प्रशिक्षण देना आवश्यक है, जिससे कि स्वयं तैयार किए गए शिल्प को देश तथा प्रदेश में प्रदर्शनियों के माध्यम से विक्रय करके अपनी आजीविका कमाने में सक्षम हो सके।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह ने भी इस योजना के बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की।
बैठक में परियोजना अधिकारी डीआरडीए मोहित रत्न, महाप्रबंधक उद्योग योगेश गुप्ता, जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा एवं अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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