देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर अपने शानदार कार्यों के लिए कांगड़ा जिले का डंका बजा है। कांगड़ा के जिलाधीश एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. निपुण जिंदल को हिमाचल विधानसभा निर्वाचन 2022 में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभिनव पहल और बेहतरीन उपयोग के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है।
डॉ निपुण जिंदल ने भारत चुनाव आयोग द्वारा 13वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर 25 जनवरी को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह पुरस्कार ग्रहण किया।
आईटी क्षेत्र में भारत भर में सर्वश्रेष्ठ चुनावी पहल
डॉ. निपुण जिंदल को कांगड़ा जिले में चुनाव व्यय निगरानी के डिजिटलीकरण के लिए एप्लिकेशन ई-कैच विकसित करने और उसका बेहतरीन उपयोग तय बनाने के लिए यह सम्मान दिया गया है। इस पहल की नवीनता और दक्षता के कारण इसे आईटी क्षेत्र में पूरे भारत में सर्वश्रेष्ठ चुनावी पहल घोषित किया गया है।
जिलाधीश ने कांगड़ा जिले की समस्त जनता और चुनाव प्रक्रिया में सहयोगी रहे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए बधाई दी है।
बता दें, कांगड़ा जिले में चुनावों के बेहतर प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन ने एक अभिनव पहल करते हुए ई-कैच ऐप (कांगड़ा एप्लीकेशन फॉर ट्रैकिंग चुनाव) तैयार की थी। चुनाव व्यय निगरानी के लिए ऐप विकसित करने का यह आइडिया डीसी डॉ. निपुण जिंदल का था।
चुनाव व्यय निगरानी में बेहद कारगर रही ई-कैच ऐप
जिलाधीश डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि चुनाव आयोग हमेशा इस पर जोर देता है कि चुनावों में सूचना प्रौद्योगिकी का अधिक से अधिक उपयोग कर चुनावी व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुगम बनाया जाए।
इससे प्रेरणा लेकर जिला प्रशासन ने कांगड़ा में चुनाव व्यय निगरानी के लिए ई-कैच ऐप बनाई थी, जिससे व्यय निगरानी को सरल बनाने के साथ ही प्रत्याशियों के व्यय की प्रत्येक दिन की ऑनलाइन रिपोर्टिंग समय पर सुनिश्चित हो सके। कांगड़ा इस प्रकार की पहल करने वाला हिमाचल का पहला जिला है।
डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि यह ऐप फील्ड में तैनात विभिन्न निगरानी दलों के कामकाज को आसान और अधिक प्रभावी बनाने में कारगर रही। ई-कैच ऐप के माध्यम से व्यय निगरानी से जुड़ी सभी टीमों को प्रतिदिन की रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने की सुविधा मिली, इससे पहले व्यय निगरानी टीमों को रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय में स्वयं जाकर जमा करवानी पड़ती थीं।
ई-कैच ऐप के माध्यम से व्यय निगरानी दलों को मौके से ही वाहनों की चेकिंग इत्यादि की डिटेल और जब्त सामान की रिपोर्ट प्रेषित करने की सुविधा हुई। वहीं इस ऐप के माध्यम से व्यय निगरानी टीमों द्वारा किए गए कार्य की प्रगति के आकलन में आसानी रही।
उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से प्रतिदिन की रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षकों, जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अकाउंटिंग टीम को उपलब्ध होने से चुनावों के सुचारू निष्पादन में सहूलियत हुई।
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