राष्ट्रीय इंटक अध्यक्ष चन्द्रशेखर दूबे ने हिमाचल प्रदेश में इंटक की गतिविधियों में तेजी लाने के लिए हिमाचल प्रदेश इंटक की पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी घोषित कर तेज तर्रार मजदूर व कर्मचारी नेता महिमन चन्द्र को हिमाचल प्रदेश इंटक की कमान सौंपी है ।कार्यकारिणी में कुल्लू से महिमन चन्द्र को प्रदेशाध्यक्ष, लाहौल स्पिति से सुरेन्द्र शौण्डा को प्रदेश महामन्त्री, बिलासपुर से एडवोकेट भगत सिंह वर्मा तथा बद्दी से विक्रम सिंह ठाकुर को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है । इसके अतिरिक्त कुल्लू से संजय शर्मा, मण्डी से एटवोकेट प्रेम सिंह राणा, शिमला से राजेश कंुमार प्रमार, हमीरपुर से अमित कुमार को उपाध्यक्ष, शिमला से जितेन्द्र बरागटा, सरकाघाट, मण्डी से शिवकुमार वर्मा को महासचिव, कांगडा से मेहताब सिंह, बददी सोलन से रमेश शर्मा, को सह महासचिव, बिलासपुर से अब्दुल मजीद, मण्डी से राजीव सिंह रूपल को संगठन मन्त्री, बिलासपुर से कमलेश कुमार और सतपाल शर्मा को सचिव नियुक्त किया गया है । इसके अतिरिक्त कांगडा जिला से प्रसिद्ध समाज सेविका सारिका कटोच पंवर को प्रदेश महिला इंटक का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है । बद्दी सोलन से प्रसिद्ध पत्रकार ओम शर्मा को हिमाचल प्रदेश इंटक के आई0टी0 सैल व मीडिया प्रभारी के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश इंटक का प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया गया है ।
महिमन चन्द्र ने इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्रशेखर दूबे, राष्ट्रीय महासचिव नागार्जुन, राष्ट्रीय सचिव कमल रंजन दूबे व हिमाचल के प्रभारी रिषीकेश मिश्रा के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के लोकप्रिय मजदूर व कर्मचारी हितैषी मुख्यमन्त्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को उनकी इस पद पर नियुक्ति के लिए हार्दिक धन्यावाद किया है । इस अवसर पर महिमन चन्द्र ने कहा कि हिमाचल प्रदेश इंटक पूरजोर तरीके से मजदूरों, कर्मचारियों व समाज के विभिन्न वर्गों के मसलों को प्रमुखता से सरकार के समक्ष उठाकर उनकी समस्याओं के उन्मूलन के लिए कार्य करेगी । महिमन चन्द्र ने बताया कि पहले भी उनके नेतृत्व में इंटक ने प्रदेश स्तर पर मजदूरों, कर्मचारियो व आम जनमानस से जुड़े हुए मुद्दों को पुरजोर से सरकार के समक्ष उठाकर समस्याओं का निदान किया है । उन्होंने हिमाचल प्रदेश में विभिन्न भागों में लगी इंन्डस्ट्रीज व फैक्ट्रीज में कार्यरत मजदूरों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि उनकी मांगों को मालिकों के समक्ष पुरजोर तरीके से उठा कर उनका निराकरण किया जाएगा । दूसरी तरफ उन्होंने फैक्ट्री के मालिकों से अनुरोध किया है कि वे श्रम कानूनों का पालन करते हुए मजदूर हित को अधिमान दें । इंटक हमेशा मालिक और मजदूरों के बीच मधुर रिश्तों की पैरवी करती रही है और आगे भी करती रहेगी क्योंकि ये फैक्ट्रियां प्रदेश में रोजगार एवम् आय का मुख्य साधन के साथ साथ हिमाचल प्रदेश के विकास की रीढ़ हैं तथा इंटक कभी भी प्रदेश हित में इनके सुचारू रूप से संचालन में किसी किस्म की बाधा डालने के हक में नही रही है।
Best Digital Marketing Services – Click Here
No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.