शहर की एक हलवाई की दुकान में बिना एकस्पायरी डेट अंकित किए सजाया गया मिठाई का काउंटर।
ऊना। जिला ऊना में त्योहारी सीजन के बीच लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसकी जीती जागती तस्वीर मिठाई की दुकानों में देखी जा सकती है। जहां मनमाने तरीके से लोगों से मिठाई के दाम तो वसूले जा रहे हैं। उसके साथ ही लोगों की सेहत का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा।दिवाली से पहले मिठाई की बड़ी दुकानों पर मिठाई को धड़ल्ले से बनाया जा रहा है। बड़ी दुकानों वाले तो छोटे दुकानदारों को अभी से मिठाई भी सप्लाई करने लगे हैं। मगर इन सबके बीच दुकानों पर न तो मिठाई की कीमतों को दर्शाती कोई रेट लिस्ट है और न मिठाई के बनने और खराब होने की तिथि अंकित है। यह हालत ऊना शहर की प्रसिद्ध मिठाई की दुकानों की है।
ध्यान रहे कि नियमों के तहत हलवाई की दुकानों में विभिन्न मिठाइयों के दाम की एक सूची लगाता जरूरी है। इसके साथ ही मिठाई कब बनी और कब एक्सपायर हो रही, इसकी जानकारी भी लिखित में मिठाई के साथ दर्शाना जरूरी होता है। हैरत की बात यह है कि इसको लेकर खाद्य सुरक्षा और जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर भी अभी तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि संबंधित विभागों के अधिकारी आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई के दावे तो कर रहे हैं लेकिन त्योहारी सीजन के बीते 12 दिनों में ऐसी कोई कार्रवाई सामने नहीं आई। इससे दुकानदारों के हौसले बुलंद है और नियमों को लेकर हर कोई बेफिक्र है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के जिला नियंत्रक राजीव शर्मा ने कहा कि दुकानों में रेट लिस्ट लगाने को लेकर जल्द कदम उठाए जाएंगे। हालांकि मिठाई के दाम विभिन्न दुकानों पर अलग-अलग होते हैं। मगर दामों तो तय करने को लेकर जल्द योजना तैयार करेंगे। मिठाई के तैयार होने और एक्सपायर होने की जानकारी देना बेहद जरूरी है। नियमों को तोड़ने वाले दुकानदारों पर जल्द कार्रवाई कर चालान किए जाएंगे।
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