हिमाचल प्रदेश के संजौली कॉलेज में 20 सितंबर 2024 को 6 छात्रों का अवैध निष्कासन कॉलेज प्रशासन ने सरकार के इशारे पर किया था। उस समय से लेकर एसएफआई लगातार आंदोलनरत है। जब एसएफआई संजौली महाविद्यालय में कॉलेज के मुद्दों को लेकर और बढ़ती फीस वृद्धि को लेकर आंदोलन कर रही थी उस समय कॉलेज प्रशासन ने उस आंदोलन को कुचलने के लिए 6 छात्रों का अवैध निष्कासन महाविद्यालय से किया। निष्कासन का यह मामला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के अंदर भी कानूनी तौर पर लड़ रही और माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 6 छात्रों को राहत भी दी है उन्हें परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दी है और 6 छात्रों के निष्कासन की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को आदेश दिए गए थे। छात्रों के इस निष्कासन पर उच्च न्यायालय द्वारा जवाब मांगा गया था। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक जांच कमेटी का गठन भी किया गया है परंतु जांच कमेटी पिछले 3 महीनों से कोई भी जवाब सकारात्मक पहल इस मामले में नहीं कर पाई है। जिसके चलते 6 छात्रों को लंबे समय से शिक्षा से दूर कर दिया गया है। जो छात्रों का संवैधानिक अधिकार शिक्षा का अधिकार के खिलाफ है।
आज SFI ने प्रदेश भर के सभी कॉलेज इकाइयों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति और हिमाचल प्रदेश सरकार में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से छात्रों के अवैध व गैर कानूनी निष्कासन को वापिस लेने की मांग की है।
छात्रों के इस अवैध निष्कासन के चलते वह अपनी अंतिम अवधि परीक्षा नहीं दे पाए है । एसएफआई राज्य कमेटी ने मांग करते हुए कहा है कि छात्रों को एक अतिरिक्त मौका दिया जाए ताकि वे अपनी पढ़ाई को जारी रख सके ।
राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा यदि विश्विद्यालय प्रशासन अवैध निष्कासन को वापस नहीं लेता है तो जल्द SFI प्रदेश के सभी छात्रों को लामबंद करते हुए है उग्र आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ करेगी जिसका जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन होगा।
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