तमिलनाडु के चेन्नई में एक 9वीं कक्षा के छात्र ने अपने शिक्षक पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। छात्र की स्थिति इतनी चिंताजनक हो गई कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। स्कूल प्रशासन ने आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर दिया है, जबकि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शिक्षक का नाम सुधाकर है और उसके खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की तीन धाराएं लगाई गई हैं।
चेन्नई में 9वीं कक्षा के एक छात्र के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में 43 वर्षीय निजी स्कूल के शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान सुधाकर (43) के रूप में हुई है, जो स्कूल में तमिल भाषा के शिक्षक थे।
उनके खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की तीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्र की तबीयत बिगड़ गई और उसके माता-पिता ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान छात्र ने अपने शिक्षक सुधाकर की गलत हरकतों के बारे में बताया। दरअसल, छात्र को एक संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। जैसे ही छात्र के माता-पिता को इस घटना की जानकारी मिली, उन्होंने के.के नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। वर्तमान में मामले की जांच जारी है।
पिछले महीने भी एक छात्रा के साथ इसी तरह की घटना घटित हुई थी।
छात्र के यौन उत्पीड़न के आरोपों के चलते स्कूल प्रशासन ने शिक्षक सुधाकर को बर्खास्त कर दिया है। पिछले महीने तमिलनाडु के कृष्णागिरी जिले के बरगुर स्थित एक सरकारी स्कूल में 13 वर्षीय छात्रा के साथ इसी प्रकार की एक घटना हुई थी। छात्रा ने अपने स्कूल के तीन शिक्षकों पर बलात्कार का आरोप लगाया था।
भाजपा तमिलनाडु के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि महिलाओं और लड़कियों के प्रति यौन उत्पीड़न तमिलनाडु में एक गंभीर समस्या बन चुकी है।
वहीं, एआईडीएके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने छात्रों के खिलाफ यौन हमलों की घटनाओं पर डीएमके सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों को सुरक्षा प्रदान करने में असफल रही है।
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