किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए जिला स्तरीय निगरानी समिति (डीएमसी) की बैठक का आयोजन और वर्ष 2025-26 के लिए प्राथमिकता क्षेत्रों के लिए ₹2541 करोड़ के ऋण संभाव्यता प्रपत्र पीएलपी का विमोवचन अतिरिक्त जिला उपायुक्त श्री अश्वनी कुमार ने वर्ष 2025–26 के लिए प्राथमिकता क्षेत्रों (कृषि, बागवानी, पशुपालन, आवास शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और सूक्षम लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए रु 2541 करोड़ के ऋण आबंटन की संभाव्यताओं) पर प्रस्तावित प्रपत्र का विमोचन किया।
श्री अश्वनी कुमार ने सोमवार को जिला कुल्लू के लिए नाबार्ड द्वारा तैयार की गई संभाव्यता युक्त ऋण योजना का उद्घाटन किया। नाबार्ड ने वर्ष 2025–26 में रु. 2541 करोड़ की ऋण क्षमता का आंकलन किया गया है।
इसमें कृषि, एमएसएमई, आवास, नवीकरणीय ऊर्जा, निर्यात, सामाजिक अवसंरचना और अन्य क्षेत्रों के लिए 1446 करोड़ रुपये की ऋण क्षमता शामिल है। इसके अलावा, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए जिला स्तरीय निगरानी समिति (डीएमसी) की बैठक सीएसएस योजना के तहत बुलाई गई।
जिसमें प्रत्येक एफपीओ की व्यापक समीक्षा और एफएसएसएआई, जीएसटी, बीज, मंडी, उर्वरक, कीटनाशक, ऋण सुविधाओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एफपीओ को शामिल करने से संबंधित प्रश्नों पर चर्चा की गई। अध्यक्ष ने सीबीबीओ को किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करने के लिए और अधिक दृढ़ होने की सलाह दी।
जिला विकास प्रबंधक नाबार्ड अनीता देवी, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी कोआपरेटिव सोसाइटी, राजेश जसवाल, परियोजना निदेशक (आत्मा), रितु गुप्ता, कृषि उपनिदेशक सुशील शर्मा और अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं के अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।News source
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