शिक्षक संघ ने कहा कि आने वाले दिनों में परीक्षा ड्यूटी नहीं दी जाएगी अगर पुरानी देनदारियां जल्दी नहीं चुकाई जाएंगी। संघ ने शिक्षा विभाग से बाहर अधीक्षकों की ड्यूटी लगाने पर भी आपत्ति जताई है।
शिक्षकों ने वर्ष के लंबित बिलों का भुगतान नहीं करने पर परीक्षा ड्यूटी से बहिष्कार की चेतावनी दी है। सरकारी शिक्षक संघ ने स्कूल शिक्षा बोर्ड को इस बारे में एक पत्र भेजा है। शिक्षक संघ ने कहा कि आने वाले दिनों में परीक्षा ड्यूटी नहीं दी जाएगी अगर पुरानी देनदारियां जल्दी नहीं चुकाई जाएंगी। संघ ने शिक्षा विभाग से बाहर अधीक्षकों की ड्यूटी लगाने पर भी आपत्ति जताई है। पूर्व की तरह, ड्यूटी लगाने के लिए तीन स्थानों का विकल्प देने की मांग उठाई गई है।
राजकीय अध्यापक संघ के महासचिव तिलक नायक ने बताया कि स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने इस बार परीक्षा में सेंटर अधीक्षक और उप अधीक्षक के पदों को लगाया है। इसके परिणामस्वरूप शिक्षकों को विभाग से बाहर भी निकाला जा सकता है। परीक्षा केंद्रों को अलॉट करने के लिए शिक्षकों से कोई अनुरोध नहीं किया जाएगा; बोर्ड इसे अपनी मर्जी से करेगा।
उनका कहना था कि शिक्षा बोर्ड को पहले ही शिक्षकों से तीन केंद्रों का चुनाव करना चाहिए। इससे बोर्ड को वित्तीय लाभ भी होगा। शिक्षकों को ज्यादा टीए और डीए नहीं देना होगा। उनका कहना था कि पिछले वर्ष की परीक्षा ड्यूटी अभी तक नहीं दी गई है। संघ इससे नाराज़ है। अगर जल्द ही भुगतान नहीं किया गया, तो शिक्षकों को बोर्ड पर दायित्व नहीं होगा।
उधर, राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि शिक्षक बोर्ड को हर बार पूरा सहयोग देते हैं, लेकिन ड्यूटी का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा है। संघ ने कहा कि पहले बोर्ड हमारे शिक्षकों की पिछली देनदारियों का भुगतान करे, फिर हर साल की ड्यूटी लगाई जाएगी।News source
Best Digital Marketing Services – Click Here

No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.