प्रदेश सरकार और वन विभाग द्वारा की जा रही किसानों की बेदखली के खिलाफ आनी में प्रदर्शन की तैयारी को लेकर हिमाचल किसान सभा व हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने 1 फरवरी,2025 को आनी में संयुक्त अधिवेशन बुलाया गया है।
इस अधिवेशन में वन संरक्षण अधिनियम 1980 (एफसीए) में संशोधन की मांग को लेकर संघर्ष की तैयारी कर रहें हैं। जिसमें आनी क्षेत्र के सभी किसान व बाग़बान भाग लेंगे। प्रदेश सरकार व वन विभाग कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना ही किसानों की बेदखली की जा रही है जिससे प्रभावितों के अन्दर डर का मौहल पैदा हो रहा है। हिमाचल किसान सभा व हिमाचल सेब उत्पादक संघ आनी ने बताया कि परिवार में बंटवारे के चलते प्रदेश में ग़रीब किसानों के पास इतनी जमीन नहीं है कि वो अपना गुजारा कर सकें। प्रदेश के करीब दस लाख किसान परिवारों के पास 10.7 फीसदी जमीन ही कृषि योग्य भूमि हैं और 87 फीसदी किसान लघु व सीमांत है।
किसान व बागबानों की मांग है कि वन संरक्षण अधिनियम में संशोधन कर ग़रीब लघु व सीमांत किसानों को कम से कम पांच बीघा भूमि दी जाए। सरकार के मालिकाना हक वाली जमीन का आवंटन गरीब किसानों को भू राजस्व अधिनियम 1954 के व 2000 में शामिल की गई धारा 163ए के तहत किया जाए।
हिमाचल किसान सभा व हिमाचल सेब उत्पादक संघ आनी का कहना है कि सरकार व वन विभाग के द्वारा की जा रही बेदखली कानूनी प्रक्रिया के तहत नहीं हो रही है और गरीबों को बेघर करने का काम कर रही है। इस अधिवेशन में ठियोग के पूर्व विधायक राकेश सिन्हा व डॉ. ओंकार शाद भाग लेंगे। हिमाचल किसान सभा आनी के अध्यक्ष प्रताप ठाकुर व सचिव गीता राम हिमाचल सेब उत्पादक संघ आनी के सचिव हेम राज ने आनी क्षेत्र के तमाम प्रभावितों से अपील की हैं कि इसमें जरूरी भाग लें।
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