प्रदेश में अभी भी दो लाख पांच हजार ब्लॉक राशन कार्ड उपलब्ध हैं।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने प्रदेश के राशन कार्ड उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में बुजुर्गों और दिव्यांगों के घरों पर ई-केवाईसी की व्यवस्था की जाएगी। डिपो संचालक दिव्यांगों और बुजुर्गों की ई-केवाईसी घर-घर करेंगे। राशन डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठा रहे लोगों के पास ई-केवाईसी नहीं है, इससे राशन कार्ड बंद हो गए हैं। प्रदेश में राशन कार्डों की ई-केवाईसी न होने से प्रदेशभर में करीब 2.5 लाख राशनकार्डों अभी ब्लॉक हैं। ई-केवाईसी लागू करने के बाद राज्य में पिछले कुछ दिनों में 60 हजार राशन कार्ड अनब्लॉक किए गए हैं।
प्रदेश भर में अभी तक 2.5 लाख से अधिक राशन कार्ड अस्थाई तौर पर ब्लॉक किए गए हैं, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांग परिवारों को ई-केवाईसी करवाने में परेशानी हो रही है, लेकिन प्रदेश सरकार ने ऐसे परिवारों को बड़ी राहत दी है, जिनके परिवारों में दिव्यांग और चलने फिरने में असमर्थ बुजुर्ग सदस्य हैं, उनकी ई-केवाईसी अब घर पर ही होगी।
जिम्मा विभाग ने संबंधित खाद्य इंस्पेक्टर को इसकी जिम्मेदारी दी है। प्रदेश में अभी तक लगभग 2.5 लाख राशन कार्ड अस्थाई तौर पर ब्लॉक हैं। ऐसे में राशन कार्डों की संख्या घटकर लगभग 17 लाख हो गई है। प्रदेश में लगभग 19.65 लाख लोग राशन कार्ड रखते हैं, जिनमें से 2.5 लाख ब्लॉक हैं।
-केवाईसी का लक्ष्य सिर्फ वास्तविक परिवारों को सस्ता राशन का लाभ देना है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि प्रदेश में दिव्यांगों और बुजुर्गों के घर घर जाकर ई केवाईसी कराई जाएगी, जो संबंधित इंस्पेक्टर को सौंपा गया है। बुजुर्गों और दिव्यांगों को ई-केवाईसी देने के लिए डिपो संचालक घर-घर जाएंगे, उन्होंने बताया।
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