शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, नेप्च्यून और यूरेनस एक साथ प्लैनेटरी परेड में दिखते हैं। एक लाइन में सभी आठ ग्रहों का आना ज्यामितीय रूप से असंभव है। फिर भी वैज्ञानिकों ने आज भी गणितीय तरीके से गणना की है।सभी 8 ग्रहों का एक लाइन में आना ज्यामितीय रूप से असंभव है।
सभी 8 ग्रहों का एक लाइन में आना ज्यामितीय रूप से असंभव है।
6 ग्रहों की प्लैनेटरी परेड 18 जनवरी से शुरू हुई।
8 ग्रहों का एक लाइन में आना हर 13.4 ट्रिलियन सालों में संभव है।
इन दिनों, रात के आसमान में छह ग्रहों को एक लाइन में दिखाई देते हैं। शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, नेप्च्यून और यूरेनस एक साथ मिलकर अद्भुत दिखाई देंगे।. इस खोगोलीय तौर पर एक सीध में आने की घटना को प्लैनेटरी परेड कहा जाता है। बीते 18 जनवरी से शुरू हुई घटना लगभग एक महीने तक चलेगी। लेकिन 25 जनवरी को ये सभी छह ग्रह एक तरफ सूर्य की ओर दिखाई दिए।
ऐसे में लोगों को फिर से सवाल उठता है कि क्या कभी सभी आठ ग्रह एक लाइन में मिल सकते हैं? विज्ञान क्या कहता है?News source
Best Digital Marketing Services – Click Here

No comments:
Post a Comment
Thanks for contact us. We will contact you shortly.