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    Wednesday, June 3, 2026

    धर्मपुर के सरकारी अस्पताल की ईसीजी मशीन खराब, नई मशीन के लिए जनता से मांगा जा रहा चंदा

     धर्मपुर के सरकारी अस्पताल की ईसीजी मशीन खराब, नई मशीन के लिए जनता से मांगा जा रहा चंदा



    हिमाचल प्रदेश में वित्तीय तंगी के बीच स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र की उपतहसील मंडप स्थित सरकारी अस्पताल की ईसीजी मशीन पिछले कई दिनों से खराब पड़ी हुई है। मरीजों को हो रही परेशानी के बीच नई मशीन खरीदने के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों से आर्थिक सहयोग और चंदा देने की अपील की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार सत्ताधारी दल से जुड़े एक कार्यकर्ता ने व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश जारी कर क्षेत्रवासियों से स्वैच्छिक वित्तीय सहायता देने का आग्रह किया। संदेश में कहा गया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना सभी नागरिकों का नैतिक दायित्व है और नई ईसीजी मशीन की खरीद के लिए जनसहयोग की आवश्यकता है।

    उधर इस अपील को लेकर क्षेत्र में बहस छिड़ गई है। कई स्थानीय युवाओं ने सरकारी अस्पताल के लिए चंदा जुटाने की आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि चिकित्सा उपकरण खरीदने के लिए भी जनता को आगे आना पड़े तो सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी क्या रह जाती है।

    संधोल क्षेत्र के बीएमओ धर्मपाल ने बताया कि ईसीजी मशीन दो से तीन दिन पहले खराब हुई है और इसकी जांच के लिए तकनीशियन को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि मशीन की कीमत लगभग 40 हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक हो सकती है। कई बार ऐसे उपकरण जनसहयोग या दान के माध्यम से भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

    वहीं अस्पताल से जुड़ी अन्य समस्याएं भी सामने आ रही हैं। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया था और 16 करोड़ रुपये की लागत से नई भवन निर्माण परियोजना शुरू की गई थी, लेकिन सरकार बदलने के बाद बजट की कमी के चलते निर्माण कार्य बीच में ही रुक गया।

    सूत्रों के अनुसार अस्पताल को मिलने वाला नियमित सरकारी बजट भी पिछले दो महीनों से जारी नहीं हुआ है। दैनिक खर्चों के लिए मिलने वाली वार्षिक ढाई लाख रुपये की राशि अब तक नहीं पहुंची है, जिसके चलते अस्पताल प्रशासन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के फंड से काम चला रहा है।

    ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में आधुनिक ब्लड टेस्ट मशीन समेत कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। हाल ही में क्षेत्रीय विधायक चंद्रशेखर को भी अस्पताल की जरूरतों से संबंधित मांग पत्र सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

    गौरतलब है कि ईसीजी मशीन हृदय रोगों की पहचान के लिए बेहद महत्वपूर्ण उपकरण है। इसके माध्यम से हृदय की धड़कनों का रिकॉर्ड लिया जाता है और डॉक्टर हार्ट अटैक, हृदय की मांसपेशियों को हुए नुकसान तथा अन्य हृदय संबंधी समस्याओं का पता लगाते हैं। मशीन खराब होने से क्षेत्र के मरीजों को जांच के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।

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