सरकाघाट मतगणना विवाद गरमाया, दोबारा गिनती की मांग पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी। - अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज़

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    Thursday, June 4, 2026

    सरकाघाट मतगणना विवाद गरमाया, दोबारा गिनती की मांग पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी।

    अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज हिमाचल प्रदेश/मंडी (कमल जीत शीमार ऑनलाइन डेस्क ब्यूरो) : हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट में जिला परिषद थौना वार्ड-29 की मतगणना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी रजनी देवी और उनके समर्थकों ने वोटों की गिनती में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए पुनर्मतगणना की मांग की है। मामला अब जिला प्रशासन तक पहुंच गया है और राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया है।

    मंगलवार को सरकाघाट के विधायक दिलीप ठाकुर, भाजपा समर्थित प्रत्याशी रजनी देवी के साथ उपायुक्त मंडी से मिले और पुनर्मतगणना की मांग उठाई। विधायक ने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान दोबारा वोटों की गिनती की मांग को प्रशासन ने नजरअंदाज किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुनर्मतगणना नहीं करवाई गई तो वे न्याय के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।

    विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान अधिकारियों ने पुनर्गणना संबंधी प्रार्थना पत्र तक स्वीकार नहीं किया। साथ ही पुलिस बल का उपयोग कर एजेंटों और समर्थकों को मतगणना केंद्र से बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
    उधर, चुनाव में मामूली अंतर से पराजित हुईं रजनी देवी ने कहा कि उन्हें हार से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन यदि मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब तक निष्पक्ष पुनर्गणना नहीं होगी, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

    43 वोटों के अंतर से घोषित हुआ परिणाम

    थौना जिला परिषद वार्ड में अंजनी देवी को 3959 मत प्राप्त हुए और उन्हें विजेता घोषित किया गया। भाजपा समर्थित प्रत्याशी रजनी देवी को 3916 वोट मिले, जबकि दोनों के बीच जीत-हार का अंतर केवल 43 वोटों का रहा। इसके अलावा मीना को 3838, अनीता देवी को 3393, लक्ष्मी ठाकुर को 1573 और कल्पना कुमारी को 273 वोट प्राप्त हुए। वार्ड में कुल 16,952 वैध मत पड़े, जबकि 43 मत अवैध घोषित किए गए। 105 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना।

    मतगणना के दौरान बढ़ाए गए काउंटरों पर भी सवाल
    भाजपा समर्थित पक्ष के पोलिंग एजेंट कांशी राम राणा ने आरोप लगाया कि शुरुआत में मतगणना के लिए सात काउंटर लगाए गए थे, लेकिन बाद में अचानक उनकी संख्या बढ़ाकर नौ कर दी गई। एजेंटों ने इस पर आपत्ति जताई, मगर उनकी बात नहीं सुनी गई। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें समर्थक प्रशासनिक अधिकारियों से जवाब मांगते दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, मामले ने स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और सभी की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


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