आखिरकार छह साल का सूखा खत्म.मई 2020 से वीरान पड़े झारखंड सूचना आयोग में फिर से रौनक लौटने वाली है।
छह साल बाद गुलजार होगा झारखंड सूचना आयोग
चार सूचना आयुक्त की एंट्री से भ्रष्टाचारियों में हड़कंप
आरटीआई कार्यकर्ताओं के खिले चेहरे
सरकारी बाबूओं व माफियाओं की उड़ी नींद
मुख्य सूचना आयुक्त व बचे दो सूचना आयुक्त की भी हो जल्द नियुक्ति-अरशद
साहिबगंज।
अखंड भारत दर्पण न्यूज़।
आखिरकार छह साल का सूखा खत्म.मई 2020 से वीरान पड़े झारखंड सूचना आयोग में फिर से रौनक लौटने वाली है। लंबी कानूनी जंग और हाईकोर्ट की फटकार के बाद सत्ता और विपक्ष दोनों को झुकना पड़ा।राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की मंजूरी के बाद सरकार ने बुधवार देर शाम चार सूचना आयुक्त की नियुक्ति का बम फोड़ दिया।सूचना आयुक्त का पिटारा खोलने वालों में वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा का नाम सबसे ऊपर है.इनके साथ जेएमएम आईटी सेल प्रभारी तनुज खत्री व कांग्रेस के महासचिव अमूल्य नीरज खलखो और भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक को भी कुर्सी मिल गई है.शर्त साफ है पद संभालते ही तीनों को पार्टी का दामन छोड़ना होगा।
राज्यपाल ने नियुक्ति पर मुहर लगाते हुए सरकार को दो टूक कहा है मुख्य सूचना आयुक्त की कुर्सी भी जल्द भरो वरना आयोग लंगड़ा ही रहेगा। नियुक्ति की खबर जंगल में आग की तरह फैली। चर्चित सामाजिक व आरटीआई कार्यकर्ता सैयद अरशद नसर ने कहा अब फाइलों में दबी सच्चाई बाहर आएगी। अफसरशाही की मनमानी पर लगाम लगेगी साथ ही नसर ने सरकार से मुख्य सूचना आयुक्त व बचे दो सूचना आयुक्त की भी अविलंब नियुक्ति करने की मांग की है। जैसे ही चार सूचना आयुक्त की नियुक्ति की खबर आई आरटीआई कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल बन गया व मिठाइयां बंटने लगीं। वहीं दूसरी तरफ सरकारी दफ्तरों में फाइलें खंगालने वालों के चेहरों पर मायूसी साफ दिखी। दलालों और रिश्वतखोरों की नींद उड़ गई है।
गौरतलब है कि मई 2020 से आयोग ठप पड़ा था।मुख्य सूचना आयुक्त समेत सभी 7 पद खाली थे।नतीजा 25,000 से ज्यादा अपीलें धूल फांक रही थीं।अब उम्मीद है कि इन फाइलों पर जमी धूल हटेगी और भ्रष्टाचार का काला चिट्ठा बाहर आएगा।







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