अखण्ड भारत दर्पण (ABD) न्यूज हिमाचल प्रदेश/शिमला (कमल जीत शीमार ऑनलाइन डेस्क ब्यूरो (ABD) न्यूज) : हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई जिसमें कई अहम निर्णयों पर मुहर लगी। सरकार ने जहां सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े ऐलान किए, वहीं इन फैसलों की वित्तीय व्यवहार्यता और जमीनी क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
🚧 टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 और आबकारी नीति को मंजूरी
प्रदेश सरकार ने नई टोल टैक्स बैरियर नीति और आबकारी नीति को स्वीकृति दी।
🔎 सवाल यह है —
क्या नई नीतियां राजस्व बढ़ाने का माध्यम बनेंगी या आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेंगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के प्रयास जरूरी हैं, लेकिन पारदर्शिता और संतुलन भी उतना ही आवश्यक है।
👩🚒 महिला होम गार्ड्स को 26 सप्ताह मातृत्व अवकाश
सरकार ने महिला होम गार्ड स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का सराहनीय निर्णय लिया।
👏 यह फैसला महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
परंतु प्रश्न यह भी है कि क्या अन्य अस्थायी और अनुबंध कर्मचारियों को भी ऐसी समान सुविधाएं मिलेंगी?
🎓 ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन
अब विधवाओं की बेटियों को राज्य के भीतर और बाहर सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी।
🏠 छात्रावास न होने पर ₹3000 प्रतिमाह किराया सहायता भी दी जाएगी।
📌 यह निर्णय सामाजिक रूप से संवेदनशील है, लेकिन क्या ₹3000 आज के महंगाई दौर में पर्याप्त है?
👶 ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ लागू
छह वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं के पोषण सुधार के लिए उन्नत पूरक पोषण योजना लागू करने का निर्णय लिया गया।
🥗 कुपोषण से जूझते हिमाचल के कुछ क्षेत्रों के लिए यह राहतकारी कदम हो सकता है।
हालांकि, पूर्व की योजनाओं की तरह यदि निगरानी कमजोर रही तो परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
♿ दिव्यांग विवाह अनुदान में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
🔹 70% से अधिक दिव्यांगता पर सहायता ₹50,000 से बढ़ाकर ₹2 लाख
🔹 40-70% दिव्यांगता पर ₹25,000 अनुदान
💬 यह निर्णय सामाजिक समावेशन की दिशा में बड़ा संदेश देता है।
लेकिन क्या आवेदन प्रक्रिया सरल होगी? यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
🏫 600 नए पद सृजित, 31 स्कूलों का विलय
सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 पद सृजित किए गए (संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत, ड्राइंग शिक्षक)।
साथ ही 31 बालक/बालिका विद्यालयों को सह-शिक्षा विद्यालयों में विलय करने का निर्णय लिया गया।
📚 शिक्षा क्षेत्र में यह बड़ा बदलाव है।
परंतु क्या इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं की संख्या प्रभावित होगी?
स्थानीय स्तर पर विरोध की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
🏥 1617.40 करोड़ की स्वास्थ्य परियोजना
मेडिकल कॉलेजों, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण के लिए 1617.40 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई।
💉 सरकार का दावा है कि इससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा और मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
लेकिन प्रदेश की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह सवाल भी उठ रहा है कि इतनी बड़ी परियोजना के लिए संसाधन कहां से आएंगे?
🔎 ABD न्यूज़ विश्लेषण
प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्णय सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण और जनहितकारी प्रतीत होते हैं।
लेकिन:
⚖️ क्या ये निर्णय आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल के लिए टिकाऊ हैं?
⚖️ क्या योजनाएं धरातल पर समयबद्ध लागू होंगी?
⚖️ क्या राजस्व बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं के बीच संतुलन बन पाएगा?
सरकार ने उम्मीदों का पिटारा खोला है — अब जनता की निगाहें क्रियान्वयन पर हैं।
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